कानपुर में गैस संकट पर पेंशनर्स का विरोध, एजेंसियों को एक हफ्ते की चेतावनी

 
कानपुर में गैस संकट पर पेंशनर्स का विरोध, एजेंसियों को एक हफ्ते की चेतावनी

कानपुर में बढ़ती गैस की किल्लत अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आज गोविंद नगर स्थित चित्रगुप्त धर्मशाला में पेंशनर्स फोरम की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री राजेश कुमार शुक्ला ने की, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने कहा कि शहर में गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण केंद्र और राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गैस की आपूर्ति सही तरीके से न होने के कारण पेंशनर्स को मानसिक तनाव और शारीरिक कष्ट दोनों का सामना करना पड़ रहा है।

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आनंद अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचाए जाएं। लेकिन इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। नतीजतन, आज भी लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि एजेंसियों पर भारी भीड़ लग रही है, जिसमें बुजुर्ग और पेंशनर्स सिलेंडर उठाकर आते-जाते दिखते हैं। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोग गिर पड़ते हैं और चोटिल भी हो जाते हैं। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी अनदेखी है।

बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि यदि एक सप्ताह के भीतर गैस एजेंसियों की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो पेंशनर्स फोरम आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इस प्रस्ताव को बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

राजकीय पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.एल. गुलाबिया ने भी एजेंसियों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियां जिला अधिकारी के निर्देशों को भी नजरअंदाज कर रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

वहीं एस.एम. तिवारी ने जिलाधिकारी से मांग की कि गैस बुकिंग के तुरंत बाद उपभोक्ताओं के घर पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि एजेंसियों पर सीधे वितरण को बंद कर दिया जाए, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि डिलीवरी प्रक्रिया की नियमित जांच की जाए, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को रोका जा सके।

बैठक में पी.एस. बाजपाई, उमाशंकर दीक्षित, आर.के. कटियार, कपिल देव, ओंकार सिंह, उमेश शुक्ला, एस.के. शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, आर.पी. वर्मा, अशोक कुमार, सत्य नारायण, अशोक कुमार मिश्रा, आर.पी. श्रीवास्तव (एडवोकेट), सरदार इंद्रजीत सिंह गिल, सुभाष भाटिया, अशोक श्रीवास्तव, भानु प्रकाश निगम, विनय कुमार उपाध्याय, रविंद्र कुमार मधुर, मुमताज हुसैन, आनंद सिंह, वी.एन. पाल, संतोष कुमार त्रिपाठी और ताराचंद सहित सैकड़ों पेंशनर्स मौजूद रहे।

पेंशनर्स का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और गैस एजेंसियां इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती हैं।

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