कानपुर में पेंशनर फोरम की कार्य समिति बैठक, लंबित मांगों को लेकर सरकार पर नाराज़गी
कानपुर | 14 जनवरी — पेंशनर फोरम की कार्य समिति की एक आवश्यक बैठक मंगलवार को चित्रगुप्त धर्मशाला, गोविंद नगर सी-ब्लॉक, कानपुर में फोरम के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार से जुड़े पेंशनरों की लंबित समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने बताया कि केंद्र सरकार ने समस्त लेखा कर्मचारियों को सचिवालय के समान उच्च वेतन देने का निर्णय जनवरी 1996 से लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन 18 फरवरी 2003 से केवल नगद भुगतान किया गया। इसके पूर्व की अवधि के लिए केवल काल्पनिक बढ़ोतरी दी गई, जबकि न्यायालय के आदेश के अनुसार 1 जनवरी 1996 से एरियर का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। इस पर कार्यकारिणी सदस्यों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
बैठक में यह भी बताया गया कि पेंशन के 40 प्रतिशत कम्यूटेशन की रिकवरी पहले 15 वर्षों तक की जाती थी, लेकिन न्यायालय के आदेशानुसार 11 वर्ष 2 माह में रिकवरी बंद करने के निर्देश जारी हो चुके हैं, इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
पेंशनरों ने आशंका जताई कि हाल ही में गठित आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को वंचित किया जा सकता है, क्योंकि अब तक इसके लिए कोई बजटीय प्रावधान नहीं किया गया है। इसके अलावा बीएसएनएल कर्मचारियों को तीसरे वेतन आयोग के अनुसार पेंशन भुगतान न होने पर भी नाराज़गी व्यक्त की गई, जबकि यह भुगतान वर्ष 2017 से ही शुरू हो जाना चाहिए था।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन सभी मांगों को लेकर भारत सरकार को जिलाधिकारी के माध्यम से वित्त मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रमुख मांगों में कोरोना काल से पूर्व मिलने वाली वरिष्ठ नागरिकों की रेल किराया रियायत बहाल करना, 18 महीने के बकाया महंगाई राहत/भत्ते का भुगतान, आईआईटी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीजीएचएस सुविधा देना, EPS-95 पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 करना तथा महंगाई भत्ता प्रदान करना शामिल है।
इसके साथ ही पेंशनरों को 65 वर्ष की आयु पर 5%, 70 वर्ष पर 10%, 75 वर्ष पर 15% और 80 वर्ष पर 20% पेंशन वृद्धि देने, समस्त पेंशनरों को आयकर से मुक्त करने, सेवानिवृत्ति के बाद भी एलटीसी सुविधा जारी रखने तथा 50% महंगाई भत्ते को बेसिक पेंशन में जोड़ने की मांग की गई।
बैठक में संगठनात्मक निर्णय लेते हुए पी.एस. बाजपेयी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा ओम शंकर तिवारी (EPS), विनय प्रकाश उपाध्याय (DAD) और आर.पी. वर्मा को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इससे पूर्व सीजीएचएस रतन लाल नगर, कानपुर में खिचड़ी भोज का आयोजन भी किया गया, भाग लेने वालों में सर्वश्री आर पी एस शुक्ला, सत्यनारायण, वी पी श्रीवास्तव, यू एस दीक्षित, आरपी वर्मा, ए एस राठौर, सुभाष भाटिया, के के श्रीवास्तव, एस बी श्रीवास्तव, आर पी एस श्रीवास्तव, शिव शंकर, चंद्र शेखर, जिया लाल, आर बी निनोरिया तथा बजरंगी आदि शामिल थेभाग लेने वालों में सर्वश्री आर पी एस शुक्ला, सत्यनारायण, वी पी श्रीवास्तव, यू एस दीक्षित, आरपी वर्मा, ए एस राठौर, सुभाष भाटिया, के के श्रीवास्तव, एस बी श्रीवास्तव, आर पी एस श्रीवास्तव, शिव शंकर, चंद्र शेखर, जिया लाल, आर बी निनोरिया तथा बजरंगी आदि शामिल थे