कानपुर: छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर छात्रों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
कानपुर: विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर छात्रसंघ बहाली मोर्चा ने शुक्रवार को भारी संख्या में एकत्र होकर जिलाधिकारी को राज्यपाल संबोधित ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ लोकतांत्रिक व्यवस्था की नर्सरी हैं और युवाओं को नेतृत्व, राजनीतिक समझ और संवैधानिक अधिकारों की जागरूकता प्रदान करते हैं।
छात्रों की दलीलें
छात्रों ने ज्ञापन में लिखा कि लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव न होने के कारण उनकी आवाज़ उठाने का कोई वैधानिक मंच नहीं बचा है। छात्रसंघ न केवल छात्र अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह युवाओं को सामाजिक न्याय और जिम्मेदारी का अनुभव भी देता है।
Students in Kanpur demand restoration of Student Union elections, calling it the nursery of democracy. #Kanpur #StudentUnion #Democracy pic.twitter.com/sz6VognCTH
— The Vocal News (@thevocalnews) August 29, 2025
प्रमुख मांगें
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छात्रसंघ चुनाव की शीघ्र बहाली: कानपुर समेत प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चुनाव कराए जाएं।
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चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता: स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
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निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी: छात्रावास नियम, शुल्क निर्धारण, पुस्तकालय व्यवस्था और अन्य फैसलों में प्रतिनिधियों की राय शामिल की जाए।
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लैंगिक सुरक्षा: प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) बनाई जाए, जिसमें छात्र-छात्राओं की भागीदारी हो।
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लोकपाल समिति का गठन: विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लोकपाल समिति बनाई जाए और निजी संस्थानों में सरकारी प्रतिनिधि नियुक्त हों।
NEP 2020 का हवाला
छात्र नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी छात्रों को अकादमिक गतिविधियों के साथ लोकतांत्रिक वातावरण में भागीदारी का अवसर देने पर जोर देती है। इसलिए छात्रसंघ चुनाव की बहाली समय की मांग है।
इस मौके पर अभिजीत राय, पुष्पांशु सिंह, अनस शाहू, शरद कनौजिया, अमन यादव, राजवीर शाहू, अनुज त्रिपाठी, आदित्य ठाकुर, आकर्षण, दिव्यांशु सिंह, अंशुमान त्रिपाठी, अंशिका दीक्षित समेत सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।