ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के दावे झूठे निकले, राफेल नहीं X-गार्ड डिकॉय हुए तबाह
पाकिस्तान ने हाल ही में दावा किया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें तीन राफेल शामिल थे। लेकिन भारतीय रक्षा सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। असल में पाकिस्तानी फोर्स ने जिन विमानों को निशाना बनाया, वे असली नहीं बल्कि इजरायल में बने एडवांस्ड X-गार्ड डिकॉय सिस्टम थे, जिन्हें भारतीय राफेल जेट्स ने दिक्कत से बचने के लिए तैनात किया था।
क्या है X-गार्ड?
X-गार्ड एक हल्का (30 किलोग्राम) लेकिन अत्यंत प्रभावी टोड डिकॉय सिस्टम है, जिसे राफेल जेट्स के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम SPECTRA से जोड़ा गया है। यह सिस्टम दुश्मन के रडार और मिसाइलों को भ्रमित करता है और उन्हें झूठे लक्ष्यों की ओर मोड़ देता है। यह प्रणाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 360 डिग्री जैमिंग और DRFM तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे दुश्मन की मिसाइलें असली जेट को निशाना नहीं बना पातीं।

राफेल का सुरक्षा कवच: SPECTRA
राफेल में लगे SPECTRA सिस्टम की मदद से 360 डिग्री खतरे की पहचान, चैफ, फ्लेयर्स और जैमिंग जैसे आधुनिक उपाय अपनाए जाते हैं। यह न केवल दुश्मन की मिसाइलों को चकमा देता है, बल्कि अन्य लड़ाकू विमानों और ग्राउंड स्टेशनों के साथ नेटवर्क डेटा भी साझा करता है जिससे रीयल-टाइम ऑपरेशन संभव हो पाता है।
भारतीय रणनीति की सफलता
भारतीय वायुसेना ने इस अभियान में अत्याधुनिक रणनीति अपनाई। राफेल और Su-30MKI जेट्स ने DRFM जैमिंग, GPS स्पूफिंग और रेडार सिग्नेचर मैनिपुलेशन तकनीक का उपयोग किया। X-गार्ड डिकॉय ने पाकिस्तानी JF-17 और J-10C जैसे विमानों को पूरी तरह से भ्रमित किया।
लंबी दूरी से सटीक वार
भारतीय वायुसेना ने SCALP और HAMMER जैसे स्टील्थ हथियारों का इस्तेमाल करते हुए बिना सीमा पार किए पाकिस्तान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, भारत की सतह से हवा में मार करने वाली S-400 और आकाश मिसाइल प्रणालियों ने पाकिस्तानी विमानों को हवाई क्षेत्र में घुसने से रोक दिया।
पाकिस्तान की PL-15E मिसाइल क्यों हुई फेल?
पाकिस्तान ने J-10C और JF-17 से चीन निर्मित PL-15E मिसाइलें दागीं, जिनकी रेंज करीब 145 किमी है। लेकिन भारतीय जैमिंग टेक्नोलॉजी के सामने ये मिसाइलें काम नहीं कर पाईं। पंजाब के होशियारपुर में गिरी इन मिसाइलों के मलबे से साफ हो गया कि वे अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय हो गई थीं।