सपा विधायक पूजा पाल का पार्टी से निष्कासन, सीएम योगी की तारीफ बनी विवाद का कारण
कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक पूजा पाल को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था की तारीफ करना भारी पड़ गया। गुरुवार को सदन में चर्चा के दौरान पूजा पाल ने सीएम योगी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके पति राजू पाल के हत्यारों को सजा दिलाने में मुख्यमंत्री ने मदद की।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
पूजा पाल का बयान
निष्कासन के बाद पूजा पाल ने कहा, “मैंने सिर्फ अपराधी और भू-माफिया अतीक अहमद के खिलाफ बोला और इसी वजह से मुझे सपा से निकाला गया। मैंने सदन में सच बोला, सही काम करने वालों को धन्यवाद दिया। पीडीए के पीड़ितों के साथ खड़े होने पर ही मेरी प्रतिक्रिया थी। मैं पहली बार खुलकर अपने अनुभव साझा कर रही थी।”
पूजा पाल ने यह भी कहा कि उनका परिवार और वे खुद पीडीए से जुड़े हैं, और उन्होंने केवल न्याय दिलाने वाले मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने पूजा पाल के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सबसे अच्छा यह होता कि पहले अपनी टिकट पक्की करा लेतीं। मुझे उम्मीद है कि वह अपनी और मुख्यमंत्री की टिकट दोनों सुनिश्चित कर लेंगी। अगर बीजेपी पहले टिकट देती तो हमें सपा की तरफ से टिकट देने की जरूरत नहीं होती।”
पार्टी का आधिकारिक पत्र
सपा ने पूजा पाल को भेजे गए पत्र में लिखा कि उनके द्वारा की गई गतिविधियाँ पार्टी विरोधी और अनुशासनहीनता हैं। पत्र में कहा गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी और इसके सभी पदों से निष्कासित किया जाता है और अब वह किसी भी पार्टी कार्यक्रम या बैठक में भाग नहीं लेंगी।
पहले से अलग-थलग थीं पूजा पाल
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के बाद से पूजा पाल सपा से अलग-थलग थीं। राज्यसभा चुनाव में उन्होंने अन्य 8 विधायकों के साथ भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, जिनमें से चार को पहले ही पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।
बता दें कि पूजा पाल के पति राजू पाल की हत्या साल 2005 में हुई थी, जिसका आरोप माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगी पर था।