पंजाब में बाढ़ का प्रकोप: 43 मौतें, 23 जिले डूबे, लाखों प्रभावित
पंजाब इस समय बाढ़ की गंभीर आपदा से जूझ रहा है। अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 जिलों के 1900 से ज्यादा गांव पानी की चपेट में आ चुके हैं। लगभग 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हर बाढ़ग्रस्त गांव में एक गजटेड अफसर की तैनाती का आदेश दिया है ताकि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद हो सके।
भाखड़ा डैम पर खतरे का साया
हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से सिर्फ एक फीट नीचे है। दबाव कम करने के लिए बीबीएमबी ने चार फ्लड गेट 9-9 फीट तक खोल दिए। इससे 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसने सतलुज किनारे बसे गांवों में दहशत फैला दी।

लुधियाना में कमजोर पड़ा बांध, सेना तैनात
लुधियाना के ससराली कॉलोनी क्षेत्र में सतलुज किनारे बना बांध कमजोर हो गया। स्थिति बिगड़ने पर सेना और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर बुलाया गया। गांव को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। प्रशासन युद्धस्तर पर बांध को मजबूत करने में जुटा है।
युद्धस्तर पर राहत-बचाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव कार्य पूरे जोश से चल रहे हैं। स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे खुद प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं कर पाए, लेकिन अरविंद केजरीवाल को स्थिति से अवगत कराया गया। आप सरकार ने केंद्र से 2000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज और 60,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी करने की मांग की है।

कृषि को भारी नुकसान
राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि बाढ़ से चार लाख एकड़ कृषि भूमि डूब गई है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी और विशेष पैकेज की मांग की।
पठानकोट में दरके पहाड़
पठानकोट जिले में बारिश के चलते कई जगह पहाड़ दरक गए, जिससे सड़कें बंद हो गईं। शाहपुरकंडी डैम रोड और चक्की खड्ड के पास भारी मलबा गिरने से यातायात ठप है। स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।