QFX Forex Scam: कैसे लविश चौधरी ने 210 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया

 
QFX Forex Scam: कैसे लविश चौधरी ने 210 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया

मुज़फ़्फ़रनगर के शामली ज़िले से उठी यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं। लविश चौधरी, जिसने कभी छोटा-सा किराना कारोबार चलाया था, अचानक “फॉरेक्स ट्रेडिंग किंग” कहलाने लगा। उसकी कंपनी QFX Trade Ltd. लोगों से वादा करती—हर महीने 6–7% फिक्स्ड रिटर्न और अगर नए लोग जोड़ो तो 3% तक कमीशन। देखते ही देखते यह स्कीम पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल तक फैल गई और हज़ारों लोग इसके जाल में फँस गए।

शुरुआती दिनों में पैसे आते रहे। पहले निवेशकों को मुनाफ़ा मिला, और लोगों का भरोसा गहरा गया। शिक्षक, किसान, दुकानदार, महिलाएँ—सबने अपनी बचत लगा दी। स्थानीय एजेंट और समाज में भरोसेमंद चेहरे जब QFX का प्रचार करने लगे तो आम लोगों ने सोचा कि यह सुरक्षित है।

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लेकिन पर्दे के पीछे यह सब एक Ponzi स्कीम थी। जैसे ही एक कंपनी का खेल धीमा पड़ा, चौधरी ने उसे नया नाम दे दिया—QFX से YFX, फिर BotBro, TLC Coin और Yorker FX। हर नाम नया, लेकिन तरीका वही: “गारंटी वाला मुनाफ़ा।”

2023 के अंत तक मामला खुलना शुरू हुआ। हिमाचल के मंडी ज़िले में दर्ज FIR ने ₹210 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि सैकड़ों लोग अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली, नोएडा, शामली और रोहतक में छापेमारी की। NPay Box, Capter Money Solutions और Tiger Digital Services जैसी शेल कंपनियों में जमा ₹170 करोड़ फ्रीज कर दिए गए। साथ ही लगभग ₹90 लाख नकद भी बरामद किया गया।

इस बीच, चौधरी दुबई जाकर वहीं से नेटवर्क चलाता रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसका पैटर्न साफ़ था—फॉरेक्स ट्रेडिंग का झूठा ग्लैमर दिखाओ, ऊँचे रिटर्न का लालच दो, नए निवेशक जोड़ो और जैसे ही शक गहराए, कंपनी का नाम बदल दो।

इस स्कैम ने किसानों से लेकर मध्यमवर्गीय परिवारों तक को तबाह कर दिया। किसी ने रिटायरमेंट फंड खोया, किसी ने बेटी की शादी की बचत।

सबक साफ़ है: असली निवेश कभी गारंटी वाला मुनाफ़ा नहीं देता, भर्ती से कमाई Ponzi का संकेत है और बार-बार नाम बदलने वाले प्लेटफॉर्म से हमेशा दूर रहना चाहिए। QFX स्कैम ने साबित कर दिया कि आसान पैसा अक्सर सबसे महँगा साबित होता है।

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