सद्गुरु ने दो ब्रेन सर्जरी के बाद मोटरसाइकिल से पूरी की कैलाश यात्रा, बताया योग की शक्ति का अद्भुत उदाहरण

 
सद्गुरु ने दो ब्रेन सर्जरी के बाद मोटरसाइकिल से पूरी की कैलाश यात्रा, बताया योग की शक्ति का अद्भुत उदाहरण

केवल डेढ़ साल पहले लगातार दो आपातकालीन ब्रेन सर्जरी झेलने के बाद भी सद्गुरु ने मोटरसाइकिल से कैलाश यात्रा पूरी कर सबको चौंका दिया। रविवार को जब वह ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर लौटे तो हजारों लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।

भारतीय संस्कृति में कैलाश यात्रा को सबसे पवित्र यात्राओं में गिना जाता है। इसी परंपरा के तहत कोयंबटूर एयरपोर्ट और ईशा योग केंद्र के बाहर श्रद्धालुओं ने उन्हें भक्ति और सम्मान के साथ स्वागत किया।

योग की शक्ति का प्रदर्शन

पत्रकारों से बातचीत में सद्गुरु ने कहा—
"मेडिकल सलाह के अनुसार मुझे मोटरसाइकिल नहीं चलानी थी, लेकिन मैंने 18,000 फीट की ऊंचाई पर यह यात्रा पूरी की। यह योग की शक्ति का प्रमाण है।"

उन्होंने समझाया कि योग का अर्थ सृजन के स्रोत से जुड़ना है, और जब व्यक्ति उस स्रोत से जुड़ता है तो ऐसी चुनौतियाँ सहज हो जाती हैं।

WhatsApp Group Join Now

कठिन मार्ग और चुनौतियाँ

सद्गुरु ने 9 अगस्त को गोरखपुर से यात्रा शुरू की और नेपाल होते हुए तिब्बत पहुंचे। इस दौरान उन्हें भूस्खलन, लगातार बारिश और कठिन ऊंचाई वाले रास्तों का सामना करना पड़ा। 15,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मानसरोवर और कैलाश दर्शन तक का सफर उन्होंने सहजता से तय किया।

जनता और सेलिब्रिटीज़ से जुड़ाव

यात्रा के दौरान न केवल स्थानीय लोग बल्कि कई हस्तियों ने भी उनसे ऑनलाइन बातचीत की। इनमें अभिनेता माधवन, क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती और निर्देशक नाग अश्विन शामिल रहे।

राष्ट्रीय संदेश भी दिया

सद्गुरु ने अमेरिकी टैरिफ विवाद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को हर परिस्थिति में प्रगति करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा—
"हर बार परिस्थितियाँ आपके पक्ष में नहीं होंगी, लेकिन हमें हर हाल में फलना-फूलना सीखना होगा।"

Tags

Share this story