सद्गुरु ने दो अहम ब्रेन सर्जरी के बाद मोटरसाइकिल से पूरी की कैलाश यात्रा, योग की शक्ति का दिया संदेश
कोयंबटूर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सद्गुरु ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें मोटरसाइकिल नहीं चलानी थी, लेकिन उन्होंने समुद्र तल से 18,000 फीट ऊंचाई तक की कठिन कैलाश यात्रा मोटरसाइकिल से पूरी की। उन्होंने कहा, “यह योग की शक्ति का प्रमाण है।”

सद्गुरु ने कहा कि योग केवल शरीर को मजबूत करने का साधन नहीं है, बल्कि यह मन, आत्मा और इच्छाशक्ति को भी इतना सशक्त बना देता है कि इंसान असंभव को संभव कर सके। उनकी इस यात्रा ने न केवल उनके अनुयायियों को प्रेरित किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अनुशासित जीवन और योग का अभ्यास इंसान को कितनी अद्भुत क्षमता प्रदान कर सकता है।

कैलाश यात्रा हमेशा से अध्यात्म और साधना का प्रतीक मानी जाती है। सद्गुरु की इस यात्रा ने लाखों अनुयायियों को योग अपनाने और जीवन में संतुलन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।