सोनम वांगचुक की NGO का एफसीआरए रद्द, सरकार ने लगाया नियम उल्लंघन का आरोप
नई दिल्ली। सरकार ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गैर-लाभकारी संस्था का एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) पंजीकरण रद्द कर दिया है। मंत्रालय का आरोप है कि संस्था ने बार-बार विदेशी फंडिंग से संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन किया। यह कदम उस समय उठाया गया जब हाल ही में लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिंसा भड़क गई थी।
इससे पहले सीबीआई ने भी वांगचुक द्वारा स्थापित संस्थानों के खिलाफ एफसीआरए उल्लंघन की जांच शुरू की थी। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रारंभिक स्तर पर जारी है।
गृह मंत्रालय का बयान
गृह मंत्रालय ने बुधवार को जारी नोट में वांगचुक पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप लगाया। मंत्रालय के अनुसार, जब भीड़ ने सीआरपीएफ के वाहन में आग लगाने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया, तो सुरक्षा बलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।
सोनम वांगचुक का जवाब
वांगचुक ने बताया कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम लेह पहुंची थी और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) से संबंधित विदेशी फंडिंग पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि टीम ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना एफसीआरए मंजूरी के विदेशी धन लिया गया। हालांकि, उनका कहना है कि संस्था मुख्यतः ज्ञान का निर्यात कर राजस्व अर्जित करती है और सरकार का रुख अनुचित है।