NGO 'राहत' का दावा: तेलंगाना में स्मार्ट कार्ड्स में हो रहा है चीनी चिप्स का अवैध इस्तेमाल

 
NGO 'राहत' का दावा: तेलंगाना में स्मार्ट कार्ड्स में हो रहा है चीनी चिप्स का अवैध इस्तेमाल

हैदराबाद, 16 सितंबर 2024: सार्वजनिक सुरक्षा को समर्पित गैर-सरकारी संस्था 'राहत - द सेफ कम्युनिटी फाउंडेशन' ने तेलंगाना परिवहन विभाग की स्मार्ट कार्ड खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था के चेयरमैन डॉ. कमल सोई ने राज्य के परिवहन मंत्री को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजते हुए आरोप लगाया कि सप्लाई की गई स्मार्ट कार्ड्स में चीन निर्मित घटिया चिप्स का इस्तेमाल किया गया है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

डॉ. सोई के अनुसार, फरवरी 2023 में M/s. Colorplast India Pvt. Ltd. को एक साल के अनुबंध पर प्री-प्रिंटेड PVC 64K SCOSTA स्मार्ट कार्ड सप्लाई करने का ठेका दिया गया था। आरोप है कि इस कंपनी ने SCOSTA मानकों का उल्लंघन करते हुए निम्न गुणवत्ता की चीनी चिप्स वाले कार्ड्स वितरित किए।

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उन्होंने कुछ कार्ड सीरीज भी सार्वजनिक की हैं:

  • RC0380000/24 onwards

  • RC0460000/24 onwards

  • DL0358000/24 onwards

  • DL0284000/24 onwards

  • DL0362000/24 onwards

ये कार्ड सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते और इनमें डेटा चोरी, हैकिंग और बैकडोर एक्सेस जैसी साइबर खतरों की आशंका जताई गई है। SCOSTA की मंजूरी प्राप्त चिप्स का प्रयोग न होना तकनीकी और नैतिक दोनों रूप से अनुचित है।

डॉ. सोई के अनुरोध पर, तेलंगाना परिवहन विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया था। 24 मई 2024 को विभाग ने TTSL के प्रबंध निदेशक को शिकायत की जानकारी देते हुए DL और RC कार्ड्स के सैंपल NIC को परीक्षण के लिए भेजे।

10 जून 2024 को NIC की रिपोर्ट में बताया गया कि भेजे गए 20 कार्ड्स में से 12 कार्ड Samsung के S3K140A चिप मॉडल के थे, जो SCOSTA के अनुरूप नहीं हैं।

इस पर 24 जून 2024 को विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद डॉ. सोई ने 7 अगस्त 2024 को दोबारा पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की, जिसमें उन्होंने तीन प्रमुख बिंदु उठाए:

  1. पूरे प्रोजेक्ट की लागत की वसूली

  2. भारी दंड लगाना ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी गड़बड़ी न कर सके

  3. कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना

डॉ. सोई ने मीडिया से अपील की है कि इस संवेदनशील मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं ताकि जनता की सुरक्षा और देश की साइबर संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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