₹34.75 करोड़ डायमंड धोखाधड़ी मामला: विवेक ओबेरॉय समेत तीन के खिलाफ EOW की प्राथमिक जांच
मुंबई: मुंबई में एक हीरा कारोबारी के साथ ₹34.75 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अभिनेता Vivek Oberoi, सतीश दर्यानानी और रिकी वसंदानी के खिलाफ प्राथमिक जांच (Preliminary Enquiry–PE) दर्ज की है।
EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह जांच क्यूपिड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक निमेश पीयूष मेहता उर्फ टोनी मेहता की शिकायत के आधार पर शुरू की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 से सितंबर 2025 के बीच सुनियोजित साजिश के तहत चरणबद्ध तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में आरोपियों ने कम मात्रा में हीरे खरीदे और समय पर भुगतान कर भरोसा बनाया। इसके बाद बड़ी डील के लिए शिकायतकर्ता को सॉलिटेरियो डायमंड्स के दुबई स्थित IPO में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच दिया गया। इसी बहाने बड़ी मात्रा में कीमती हीरे हासिल किए गए।
भुगतान के लिए आरोपियों द्वारा पोस्ट-डेटेड चेक (PDC) दिए गए, लेकिन बाद में भुगतान रोक दिया गया, जिससे सभी चेक बाउंस हो गए। इससे शिकायतकर्ता को कुल ₹34.75 करोड़ का कथित नुकसान हुआ।
EOW की प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता कंपनी के दूसरे निदेशक मिलन शाह के जाली हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, कंपनी का नकली लोगो, लेबल और मुहर तैयार कर दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कूरियर के जरिए कीमती हीरों के बदले कम गुणवत्ता वाले रत्न वापस भेजे और कागज़ों में यह दर्शाने की कोशिश की कि असली हीरे लौटाए गए हैं, जिससे शिकायतकर्ता को गुमराह किया गया।
EOW ने मामले में औपचारिक रूप से PE दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों, कूरियर रिकॉर्ड और हीरा कारोबार से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।