नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ को लेकर Isha Foundation ने दी जानकारी, 80 लोग अब भी लापता
12 सितंबर 2026: Isha Foundation ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ को लेकर एक नया अपडेट जारी किया है। फाउंडेशन ने बताया कि Kailash Manasarovar Sojourn के 77 प्रतिभागी और तीन स्वयंसेवक अब भी लापता हैं। यह संख्या फाउंडेशन के पिछले अपडेट के बाद से नहीं बदली है।
फाउंडेशन ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में हुई इस बाढ़ से पूरा Isha समुदाय प्रभावित हुआ है। नेपाल में जमीन पर काम कर रहे स्वयंसेवकों के साथ-साथ दूसरे शहरों में मौजूद और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से दूर से मदद कर रहे लोग भी प्रभावित परिवारों और एक-दूसरे की मदद के लिए काम कर रहे हैं।
Isha Foundation ने कहा कि इस समय उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की मदद करना और सही जानकारी मिलते ही उसे परिवारों तक पहुंचाना है।
सरकार और दूतावासों से संपर्क
फाउंडेशन ने बताया कि वह चीन, भारत और नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। इसके अलावा भारत, नेपाल और चीन में 19 देशों के संबंधित दूतावासों से भी संपर्क किया जा रहा है।
टीमें इन माध्यमों से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी लेने, सरकारी प्रक्रिया और आगे के कदमों को समझने और सरकार तथा दूतावासों से मिलने वाली जानकारी को प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।
जरूरत के अनुसार पहचान से जुड़ी जानकारी, तस्वीरें और दूसरी जरूरी जानकारी अधिकारियों और खोज एवं बचाव टीमों के साथ साझा की गई है, ताकि पहचान और खोज के काम में मदद मिल सके।
Isha के स्वयंसेवकों ने US State Department और Global Affairs Canada जैसी सरकारी एजेंसियों से भी संपर्क किया है। फाउंडेशन के अनुसार, चीन सरकार से जानकारी हासिल करने में इनकी मदद उपयोगी रही है।
Isha ने कहा कि जो भी नई जानकारी उचित तरीके से साझा की जा सकती है, उसे पहले प्रभावित परिवारों को बताया जाएगा। इसके बाद जहां कानून, सही प्रक्रिया और स्थिति के अनुसार उचित होगा, वहां इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
फाउंडेशन ने प्रभावित परिवारों और स्वयंसेवकों की निजता बनाए रखने की बात भी कही है। उसने कहा कि प्रभावित लोगों के नाम, तस्वीरें या निजी जानकारी किसी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म या मीडिया संस्थानों के साथ साझा नहीं की जाएगी।
घटनास्थल तक पहुंच पर रोक
Isha Foundation के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा के चीन वाले हिस्से में Gyirong Port के घटनास्थल तक पहुंच अभी भी चीनी अधिकारियों ने रोक रखी है। वहां फोरेंसिक और बचाव का काम चल रहा है। नेपाल की ओर से भी नेपाली अधिकारियों ने घटनास्थल तक पहुंच पर रोक लगा रखी है।
किसी भी निजी व्यक्ति या संगठन को घटनास्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई है। Isha के स्वयंसेवक राहत कार्य की जानकारी लेने के लिए Gyirong Town में मौजूद थे। बाद में चीनी अधिकारियों ने सभी गैर-सरकारी लोगों को क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा।
फाउंडेशन ने कहा कि घटनास्थल पर नई पहुंच की अनुमति मिलने पर वह इसकी जानकारी साझा करेगा।
नेपाल में करीब 25 स्वयंसेवक काम कर रहे
नेपाल में करीब 25 नेपाली स्वयंसेवकों की टीम जमीन पर मदद के लिए तैनात है। स्थानीय भाषा की जानकारी होने के कारण ये स्वयंसेवक अस्पतालों, शवगृहों, पुलिस, सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में मदद कर रहे हैं।
टीम ने Nepal Police और Nepal Tourist Police से संपर्क किया है। प्रभावित लोगों की पूरी सूची और उपलब्ध दस्तावेज उनके साथ साझा किए गए हैं। स्वयंसेवक लगातार पुलिस के संपर्क में हैं।
स्वयंसेवकों के नेटवर्क के जरिए Nepali Army से भी संपर्क किया गया है और लापता लोगों की जानकारी खोज एवं बचाव से जुड़े लोगों के साथ साझा की गई है।
Isha की टीमें नेपाली और चीनी सरकार तथा पुलिस के आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली नई जानकारी पर भी लगातार नजर रख रही हैं।
फाउंडेशन ने बताया कि हादसे के बाद शुरुआत में जानकारी के लिए कोई साफ और एक जगह से चलने वाली व्यवस्था नहीं थी। इसलिए नेपाल की टीम ने अस्पतालों और शवगृहों का दौरा कर उपलब्ध जानकारी जुटाई और पहचान की प्रक्रिया को समझा। टीम लगातार वहां से जानकारी ले रही है।
टीम ने DNA centre का भी दौरा किया और पहचान की प्रक्रिया तथा इसके लिए जरूरी चीजों को समझा। फाउंडेशन ने बताया कि अलग-अलग देशों में यह प्रक्रिया अलग हो सकती है और इसे संबंधित देशों की दूतावास सेवाओं के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
परिवारों तक पहुंचाई जा रही जानकारी
दूतावासों और अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी और प्रक्रिया को प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि परिवारों के आपातकालीन संपर्कों को अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी मिल सके और वे आगे की प्रक्रिया को समझ सकें।
Isha ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के साथ लगातार संपर्क में रहेगी और नई जानकारी मिलते ही उसे प्रभावित परिवारों तक पहुंचाएगी।
मीडिया कवरेज और हेल्पलाइन
Isha के अनुसार, 12वें दिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया को घटनास्थल तक पहुंच दी गई थी। हालांकि, उनकी रिपोर्टों में कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।
फाउंडेशन ने आठ देशों में अपने ईमेल और हेल्पलाइन पर आने वाले सवालों और कॉल का जवाब देने के लिए स्वयंसेवकों की एक टीम भी बनाई है। फाउंडेशन ने कहा कि वह हर सवाल का जवाब 24 घंटे के अंदर देने की कोशिश करेगा।
जानकारी, सवाल या किसी सूचना के लिए yatra.kailash@ishausa.org पर ईमेल किया जा सकता है।
Isha ने यह भी कहा है कि अगर किसी के पास ऐसी नई जानकारी है जो फाउंडेशन या आपातकालीन सेवाओं के लिए मददगार हो सकती है, तो वह इसी माध्यम से संपर्क कर सकता है।
परिवारों को व्यावहारिक मदद
फाउंडेशन ने बताया कि उसकी टीम प्रभावित परिवारों को इस स्थिति से जुड़ी दूसरी जरूरी मदद भी दे रही है। इसमें नेपाल के टूर ऑपरेटर और DHL के साथ मिलकर काठमांडू में छूटे प्रतिभागियों के सामान को भेजने की व्यवस्था करना भी शामिल है।
Isha Foundation ने राहत और बचाव कार्य में लगे आपातकालीन कर्मचारियों के साथ-साथ नेपाली, चीनी और भारतीय दूतावासों, राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों, पुलिस, खोज एवं बचाव टीमों और फोरेंसिक टीमों का धन्यवाद किया।
फाउंडेशन ने कहा कि यह सभी प्रभावित लोगों के लिए बेहद कठिन समय है और उसने लोगों के समर्थन, धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। Isha ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों और पूरे समुदाय के साथ जरूरी जानकारी जुटाने, उसका फॉलो-अप करने और उपलब्ध होने पर उसे साझा करने का काम जारी रखेगी।