Baisakhi 2023: बैसाखी पर क्यों खाया जाता है सत्तू, साथ ही जानें इसे बनाने की रेसिपी

 

Baisakhi 2023: भारत देश में 12 महीने कोई ना कोई त्योहार चलते ही रहते हैं।  हिंदू धर्म में हर त्योहार व दिन का खास महत्व होता है और बैसाखी की बात करें तो यह खासतौर पर किसानों का पर्व है। यह पर्व दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है और इस दिन रौनक देखने लायक होती है। इस साल बैसाखी का पर्व 14 मार्च 2023 को मनाया जाएगा। बैसाखी के दिन सूर्य मेष राशि में आते हैं। ज्योतिषशास्त्र में मेष राशि को अग्नि तत्व की राशि कहा गया है। और सूर्य भी अग्नि तत्व के ग्रह हैं। ऐसे में जब मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होता है तो गर्मी तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में स्वास्थ्य की रक्षा के लिए शीतलता प्रदान करने वाली चीजों का सेवन करने की शुरूआत होती है। बैसाखी पर यही वजह है कि बिहार सहित कई क्षेत्रों में इस दिन सत्तू खाने और दान करने की परंपरा रही है। आइए जानते हैं सत्तू बनाने की रेसिपी

सत्तू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • चने- 2 कप भुने हुए
  • जौ का दलिया- 1 कप
  • गेंहू का दलिया- 1 कप भूना हुआ
  • चीनी का पाउडर- 1/2 कप
  • काला नमक- 1/2 टी स्पून
  • नींबू का रस - 2
  • नमक- 1/4 टी स्पून
  • जीरा- 1/4 टी स्पून
  • हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई

सत्तू बनाना की विधि

चने का सत्तू

सत्तू बनाने के लिए सबसे पहले 2 कप भुने हुए चने ले लीजिए और अगर चने छिलके वाले है तो चनो को फटक कर छिलको को अलग कर दीजिए। भुने  हुए चनो का मिक्सर में डाल कर बारीक पीस लीजिए। चने के पाउडर को निकाल कर अच्छे से छान लीजिए।

जौ का सत्तू

जौ का सत्तू बनाने के लिए 1 कप जौ के दलिया को मध्यम आंच पर हल्का ब्राउन होने तक चलाते हुए भून लीजिए दलिया के भुन जाने के बाद उसे एक प्लेट में ठंड़ा होने रख दीजिए व ठंड़ा हो जाने के बाद दलिया को मिक्सर में डाल कर बारीक पीस लीजिए।

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गेंहू का सत्तू गेहू का सत्तू बनाने के लिए 1 कप भुना हुआ गेंहू का दलिया ले लीजिए और उसे मिक्सर में बारीक पीस लीजिए।इन सभी सत्तू को आप किसी एयर टाईट क्न्टेनर में रख कर 1 से 2 महीने तक आराम से इस्तेमाल कर सकते है

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