Health Tips:कंजक्टिवाइटिस से सावधानी ही बचाव है, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय 

 

Health Tips: कंजक्टिवाइटिस आंखों  में होने वाला एक तरह का संक्रमण है, जिसे आंख आना या पिंक आई भी कहते हैं।  ये बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकती है। कंजक्टिवाइटिस होने पर आंखें लाल होने के साथ ही उसमें सूजन भी आ जाती है.। आंखों में किरकिरी महसूस होने के साथ हीआंखों से पानी जैसा या गाढ़ा डिस्चार्ज होने लगता है

कंजक्टिवाइटिस के लक्षण

  • आंखों का लाल या गुलाबी होना
  • आंखों में जलन या खुजली होना
  • आसामान्य रूप से अधिक आंसू निकलना
  • आंखों से पानी जैसा या गाढ़ा डिस्चार्ज होना
  • आंखों में किरकिरी महसूस होना
  • आंखों में सूजन आना

कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें, संक्रमण होने परआंखों को बार-बार न छुएं, तौलिया, बिस्तर या रूमाल शेयर न करें,  जब भी जरूरी हो अपने हाथों को धोएं, आई कॉस्मेटिक्स (आंखों के मेकअप) का उपयोग ना करें,  घर के दूसरे सदस्यों से दूरी बनाएं रखें। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें..कंजक्टिवाइटिस का इलाज सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है।

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कंजक्टिवाइटिस से बचाव के उपाय

  •  साफ-सफाई का रखें ध्यान
  • बार-बार धोएं हाथ
  •  आंखों को बार-बार न छुएं
  • तौलिया, बिस्तर या रूमाल शेयर न करें
  • कॉन्टैक्ट लेंस से बचें
  • स्विमिंग पूल में ना जाएं
  • संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें

नहीं करें लापरवाही, रखें सावधानी

देखा जाता है कि जब एक परिवार में एक साथ कई लोग आई फ्लू से पीड़ित होते है तो एक आई ड्रॉप को परिवार की सभी लोग इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से  क्रॉस संक्रमण होता है इसलिए हर मरीज को अलग-अलग ड्राप इस्तेमाल करना चाहिए।सामान्य तौर पर बात की जाए तो मौसम में नमी और उमस भरी गर्मी से इस तरह के आई फ्लू में तेजी से इजाफा होता है।आई स्पेशलिस्ट का मानना है कि इस मौसम मे बढ़ी गर्मी की वजह से यह वायरस तेजी से फैल रहा है वही मौसम में नमी की वजह से लंबे समय तक यह बरकरार रहता है, हाल ही में तेज उमस और गर्मी की वजह से लोग बार-बार अपनी आंख को छू रहे थे और पसीना पोछ रहे थे जिसकी वजह से इंफेक्शन फैलाना शुरू हुआ। वायरस की चपेट में बड़े बुजुर्ग ही नहीं बच्चे भी आ रहे हैं लेकिन कुछ सावधानी बरतनी से इसको कम किया जा सकता है ,जैसे अगर परिवार में किसी व्यक्ति को आई फ्लू या इस तरह का संक्रमण होता है तो उससे उचित दूरी बना लें। आई फ्लू के लक्षण क्या है इसके बारे में बात की जाए तो आई फ्लू होने पर खुद को दूसरों से अलग कर बिना किसी देरी के नेत्र विशेषज्ञ से मिले और बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी आई ड्रॉप को या अन्य दवाई का इस्तेमाल ना करें यह हानिकारक हो सकता है।आई फ्लू के फैलने के लक्षण ये है, आंखों का लाल हो जाना,आंखों में चुभन हो जाना,आंखों में खुजली होना,आंखें चिपकना,आंखें सूजना,लाइट सेंसटिविटी वहीं अगर इसके बचाव की बात की जाए तो बचाव के लिए डॉक्टरों का कहना है कि हाइजीन का ख्याल रखें,समय-समय पर हाथ धोते रहें, आई फ्लू होने पर लोगों से दूरी बना ले, काला चश्मा पहन ले,कांटेक्ट लेंस टॉवल और रुमाल के इस्तेमाल से बचें,स्विमिंग करने बिल्कुल ना जाए और तेज धूप में बाहर ना निकले साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से भी बचें।

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