Mothers Day 2023: मदर्स डे मनाने के पीछे ये है वजह, जानें कब और कैसे हुई शुरूआत

 

Mothers Day 2023: मई का दूसरा रविवार हर साल माताओं को समर्पित होता है. इस दिन भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में भी मदर्स डे मनाया जाता है. वैसे तो किसी एक दिन को मां के नाम समर्पित करना, किसी के लिए भी काफी नहीं होता है. इसके बावजूद मां के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है. तो आइए मदर्स डे के इस मौके पर हम आपको बताते हैं कि आखिर मातृत्व दिवस मनाने के पीछे की वजह क्या है और इसको कब से मनाया जा रहा है.

मदर्स डे मनाने का उद्देश्य (Mothers Day 2023)

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य यही है कि हम अपनी मां को फील करा सकें कि हम उससे कितना प्यार करते हैं औऱ वो हमारे लिए कितनी जरूरी है. आजकल भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी मां के लिए कई बार वक्त नहीं निकाल पाते और ना ही उनसे मिल पाते हैं, तो मदर्स डे के दिन सभी बच्चे अपनी मां को स्पेशल फील कराने के लिए अलग-अलग गिफ्ट देते है और फूल और अन्य सामान मां को स्पेशल फील कराते हैं.

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मदर्स डे का इतिहास

मातृत्व दिवस मनाने की शुरुआत अमेरिकन महिला एना जॉर्विस ने की थी. एना जॉर्विस को अपनी मां से बहुत ज्यादा प्यार और लगाव था. एना अपनी मदर से बहुत इंस्पायर हुआ करतीं थीं और उन्होंने अपनी मां की मृत्यु के बाद शादी न करने का फैसला लिया था. एना ने अपना सारा जीवन अपनी मदर के नाम करने का संकल्प लिया और अपनी मां को सम्मान देने के उद्देश्य से मदर्स डे की शुरूआत की. इसके लिए एना ने इस तरह की तारीख चुनी कि वह उनकी मां की पुण्यतिथि 9 मई के आस-पास ही पड़े,.

लेकिन मदर्स डे को मनाने की शुरुआत औपचारिक रूप से 9 मई 1914 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने की थी. उस समय अमेरिकी संसद में कानून पास करके हर साल मई महीने के दूसरे संडे को मदर्स डे मनाने का फैसला लिया गया. तब से अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई देशों में मदर्स डे धूमधाम के साथ मनाया जाने लगा. यूरोप में इस दिन को मदरिंग संडे कहा जाता है, तो वहीं ईसाई समुदाय से जुड़े बहुत लोग इस दिन को वर्जिन मेरी के नाम से भी पुकारते हैं.

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