योग न दर्शन है, न धर्म; योग आंतरिक कल्याण का विज्ञान है: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर सद्गुर

 
yoga day sadhguru

 

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर ईशा फाउंडेशन ने कोयंबटूर स्थित आदियोगी परिसर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के लिए तथा बेंगलुरु स्थित सद्गुरु सन्निधि में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) कैडेट्स और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के लिए योग सत्र आयोजित किए।
  • इसके अलावा देशभर में लगभग 1,000 निःशुल्क योग और ध्यान सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें अनुमानित 50,000 लोगों ने भाग लिया। इन सत्रों में कॉर्पोरेट संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सा प्रतिष्ठानों, सरकारी निकायों, रक्षा संगठनों और सामुदायिक समूहों के प्रतिभागी शामिल रहे।

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर सद्गुरु ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमें यह याद दिलाता है कि योग न तो कोई दर्शन है, न विचारधारा, न आस्था प्रणाली और न ही कोई धर्म। योग आंतरिक कल्याण का विज्ञान और तकनीक है। आपका धर्म, जाति, नस्ल, पंथ या लिंग कुछ भी हो, योग की ये विधियां आपको अपने सर्वोत्तम स्वरूप तक पहुंचाने में सक्षम हैं। यह शरीर, मन, भावनाओं, बुद्धि और ऊर्जा के स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करता है और सबसे बढ़कर हर व्यक्ति के भीतर मौजूद प्रतिभा और संभावनाओं को जागृत करने का माध्यम बनता है।”

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