शेंगेन वीज़ा की बढ़ी फीस, भारतीयों के लिए यूरोप यात्रा और महंगी
पेरिस की गर्मियों का सपना हो या स्विट्जरलैंड की बर्फीली छुट्टियां—अब भारतीयों के लिए यूरोप जाना पहले से महंगा हो गया है। कारण सिर्फ टिकट या होटल नहीं, बल्कि शेंगेन वीज़ा प्रक्रिया में लगातार बढ़ती फीस है।
सेवा शुल्क में बढ़ोतरी
वीज़ा की मूल फीस अभी भी लगभग ₹8,000–10,000 है। लेकिन VFS Global, जो अधिकतर यूरोपीय देशों के लिए वीज़ा आवेदन संभालता है, ने अपनी सेवा शुल्क (Service Charges) बढ़ा दिए हैं। चूंकि अब सीधे दूतावास में आवेदन की सुविधा नहीं है, इसलिए हर यात्री को VFS के ज़रिए ही प्रक्रिया करनी पड़ती है।
किन देशों में कितना बढ़ा चार्ज
2025 में कई देशों के लिए VFS शुल्क पहले से अधिक कर दिए गए हैं। उदाहरण के लिए:
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ऑस्ट्रिया: ₹1,942 → ₹2,649 (+36%)
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फ्रांस: ₹1,950 → ₹2,202 (+13%)
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जर्मनी: ₹1,806 → ₹1,933 (+7%)
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ग्रीस: ₹2,925 → ₹3,025 (+3%)
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नीदरलैंड्स: ₹1,636 → ₹1,700 (+4%)
स्विट्जरलैंड में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है—मार्च 2024 में जहां शुल्क ₹1,850 था, वहीं जुलाई 2025 तक यह ₹2,680 हो गया यानी करीब 45% की छलांग।
छोटे देशों जैसे माल्टा (₹2,624), लिथुआनिया (₹1,788) और स्लोवेनिया (₹2,428) में भी फीस ज्यादा है।
अतिरिक्त खर्चे: कूरियर और एसएमएस
VFS की “वैल्यू-ऐडेड सर्विसेज़” भी अलग से भुगतान मांगती हैं।
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कूरियर: ₹500–1,455
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SMS अलर्ट: ₹300–800
उदाहरण के तौर पर स्विट्जरलैंड वीज़ा के लिए ₹930 कूरियर और ₹450 SMS के लिए लगते हैं, जबकि नीदरलैंड्स में कूरियर चार्ज ₹1,455 तक है।
यात्रियों के लिए असर
पहली नज़र में ₹100–700 की बढ़ोतरी मामूली लग सकती है। लेकिन जब एक पूरा परिवार वीज़ा के लिए अप्लाई करता है, तो यह खर्च हजारों में बढ़ जाता है।
पहले से ही हवाई किराया, होटल और बीमा महंगे हो चुके हैं। अब केवल वीज़ा प्रक्रिया ही प्रति व्यक्ति ₹12,000 से ऊपर पड़ रही है। इससे यूरोप यात्रा का सपना कई भारतीयों के लिए और दूर हो गया है।
VFS का बयान
VFS Global का कहना है कि यह शुल्क संबंधित सरकारों की मंजूरी से तय होता है और यूरो में निर्धारित होता है। रुपये के मुकाबले यूरो के मजबूत होने से भारतीय यात्रियों के लिए फीस और महंगी हो गई है। साथ ही इसमें 18% GST भी शामिल है।