Alert: टैटू बनवाने वाले रहें सावधान! वरना हो सकते Hepatitis का शिकार
Alert: टैटू बनवाने में जरा सी लापरवाही लोगों को खतरनाक बीमारी हेपेटाइटिस का शिकार बना रही है। एमपी के जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल खा कॉलेज के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां पर रजिस्टर्ड 750 मरीजों में से 461 मरीज ऐसे है जिन्होंने अपनी हिस्ट्री में टैटू बनवाना बताया है। एसो. प्रो. डॉ. पंकज असाटी, नोडल अधिकारी एवं उदर रोग विशेषज्ञ. मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर, मेडिकल कॉलेज के मुताबिक जो मरीज पॉजीटिव आते हैं हम उनकी हिस्ट्री पूछते हैं। रजिस्टर्ड मरीजों में करीब 50 फीसदी ऐसे है जिन्होंने कभी अपने शरीर में टैटू बनवाया था। हेपेटाइटिस पॉजीटिव होने का यह भी एक बड़ा कारण हो सकता है। शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या कम हैं लेकिन इसके प्रति अब जागरुकता बेहद जरूरी है।
मरीजों ने मेले में अपने शरीर में टैटू बनवाया
मेडिकल कॉलेज के मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर के मेडिकल ऑफीसर विष्णुकांत विश्वकर्मा व दीपक ठाकुर ने बताया जो मरीज हेपेटाइटिस पॉजीटिव रजिस्टर्ड है। उनमें जबलपुर जिले के साथ आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला, डिंडौरी, कटनी, नरसिंहपुर, गाडरवारा, शहडोल, दमोह के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज ज्यादा हैं। इन मरीजों ने मेले में अपने शरीर में टैटू बनवाया बताया है।
क्या है हेपेटाइटिस बी ?
हेपेटाइटिस बी एक गंभीर बीमारी है। जो हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) के कारण होती है। एचबीवी संक्रामक है, यह खून और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। एचबीवी सीधे जीवन पर हमला करता है, इससे लीवर सिरोसिस व लीवर कैंसर होने की संभावना होती है। लीवर खराब हो सकता है और कुछ मामलों में मौत भी हो सकती है।
हेपेटाइटिस के होते हैं मुख्य
चार मुख्य वायरस होते हैं ये वायरस हेपेटाइटिस ए और ई और बी व सी। इन्हें एक साथ इसलिए ग्रुप किया गया है, क्योंकि ए और ई प्रकार के वायरस ओरल रास्ते यानि खान- पान की चीजों के जरिए प्रवेश करते हैं। बी और सी वायरस ब्लड या ब्लड प्रोडक्टस के जरिए ट्रांसफर होते हैं।
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