World Thalassemia Day 2023: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस, जानें इस बीमारी से बचाव की अहम बातें
World Thalassaemia Day 2023: दुनियाभर में हर साल 8 मई को विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। थैलेसीमिया रोग आमतौर पर बच्चों में उनके माता-पिता से मिलने वाला आनुवांशिक ब्लड डिसऑर्डर है। इस बीमारी से ग्रसित बच्चों के खून में हीमोग्लोबिन बनना बंद हो जाता है और रोगी के शरीर में खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण रोगी को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। थैलेसीमिया आमतौर पर माता-पिता से बच्चों में होते हैं। दरअसल, ये जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है और अगर किसी बच्चें के माता-पिता इससे पीड़ित हैं, तो ये हीमोग्लोबिन जीन के माध्यम से बच्चों को भी ग्रसित करता है।
थैलेसीमिया के लक्षण
- आंख में पीलापन आ जाना
- हड्डी का सामान्य से अलग दिखना, खास कर चेहरे में
- हड्डियों का विकास सही ढंग से नहीं होना
- बच्चे की विकास में रुकावट आना
- अत्यधिक थकान और कमजोरी होना
- गहरे रंग का पेशाब होना
- पीली त्वचा होना
थैलेसीमिया होने पर कैसे रखें ख्याल
बार-बार खून चढ़ाने से थैलेसीमिया से पीड़ित रोगी के शरीर में बहुत अधिक आयरन हो सकता है, जिससे हृदय, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही थैलेसीमिया से पीड़ित व्यक्ति में इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
- रेगुलर चेकअप कराएं
- आयरन लेवेल्स को जानने के लिए रेगुलर चेकअप कराएं
- समय पर दवा खाएं
- नियमित रुप से पौष्टिक आहार लें
- आयरन की दवा देने पर अगर समस्या उत्पन्न हो रही हो, तो डॉक्टर की सलाह लें
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