पेंशनर फोरम की बैठक में CGHS, पेंशन और वरिष्ठ नागरिकों के मुद्दों पर चर्चा

 
पेंशनर मांगें

कानपुर: पेंशनर फोरम के तत्वावधान में 5 सितंबर को चित्रगुप्त धर्मशाला, सी ब्लॉक, गोविंद नगर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार शुक्ला ने की। इसमें पेंशनरों, CGHS सुविधाओं और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

महामंत्री आनंद अवस्थी ने बताया कि सात सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल उनके नेतृत्व में CGHS के अपर निदेशक से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखेगा।

बैठक में CGHS के तहत अस्पतालों के बिलों में की जा रही कटौती का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। फोरम का कहना है कि अस्पतालों के बिलों में कई बार अनावश्यक कटौती करके भुगतान किया जाता है। इससे मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है।

CGHS में अभी तक लिफ्ट नहीं लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। फोरम ने कहा कि लिफ्ट की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है।

WhatsApp Group Join Now

बैठक में कोरोना काल के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द नौकरी देने की मांग भी की गई।

राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि EPS-95 की न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने का प्रस्ताव पास हो गया है। उन्होंने यह भी मांग की कि औषधालय में उपलब्ध नहीं होने वाली दवाएं दवा आपूर्तिकर्ता के माध्यम से 24 घंटे के अंदर लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाएं।

पेंशनरों ने आठवें वेतन आयोग को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि आयोग के Terms of Reference में पेंशन पुनरीक्षण के लिए पेंशनरों को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा वित्त विधेयक 2025 में भी पेंशनरों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

CGHS सुविधा

फोरम ने कहा कि इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच यह चिंता है कि उन्हें आठवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से साफ तौर पर यह भरोसा देने की मांग की कि सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

पेंशनरों ने सभी पेंशनरों को आयकर से छूट देने की मांग भी रखी।

बैठक में यह भी मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसलों को समान मामलों से जुड़े सभी लोगों पर समान रूप से लागू किया जाए। फोरम का कहना है कि इससे लोगों को एक ही मामले में बार-बार अलग-अलग अदालतों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे अदालतों में मामलों की संख्या और न्याय मिलने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई राहत भत्ते के भुगतान की मांग भी दोहराई गई। फोरम ने कहा कि यदि सरकार को एक साथ भुगतान करने में आर्थिक परेशानी है तो यह राशि दो या तीन किस्तों में दी जा सकती है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोरोना काल से पहले मिलने वाली सभी रियायतों को फिर से शुरू करने की मांग भी की गई। इसमें रेलवे की रियायतें भी शामिल हैं।

फोरम ने उम्र के आधार पर अतिरिक्त पेंशन बढ़ाने के आदेश पर भी फिर से विचार करने की मांग की। इसके तहत 65 वर्ष की उम्र में 5%, 70 वर्ष में 10%, 75 वर्ष में 15% और 80 वर्ष की उम्र में 20% अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की गई।

बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और IIT के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी CGHS की सुविधा देने की मांग रखी गई।

CGHS सुविधा

इसके अलावा सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो साल में एक बार एक सहायक के साथ भारत भ्रमण की सुविधा देने की मांग भी की गई।

फोरम ने कोरोना काल में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द से जल्द नौकरी देने की मांग दोहराई।

बैठक में आनंद अवस्थी, सत्य नारायण, वीपी श्रीवास्तव, सुभाष भाटिया, एचएन तिवारी, पीएस बाजपेई, अशोक श्रीवास्तव, आरपी शुक्ला, विनय प्रकाश उपाध्याय, आरपी वर्मा, अशोक कुमार, मनीराम तिवारी, यूएस दीक्षित, केके श्रीवास्तव, उमेश शुक्ला, मुंशी पंडित, एनके दुबे, शिव शंकर, जियालाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Tags

Share this story