वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम किस दिशा में होना चाहिए?

 
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम किस दिशा में होना चाहिए?

घर या भवन में बेडरूम निर्माण करवाते समय जाने अनजाने में लोगों से कई छोटी-मोटी मोटी गलतियां हो जाती हैं. इन गलतियों के कारण घर में रहने वाली सदस्यों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. घर का माहौल तनावपूर्ण और अशांति फैलने लगती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम की दिशा बेहतर होने पर यश, सुख, शांति, समृद्धि, धन, वैभव खुशहाली और स्वास्थ्य लाभ होता है. बेडरूम की दिशा घर की निवासियों पर निर्भर करती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम की दिशा घर के स्वामी, विवाहित जोड़ों, बच्चों, बुजुर्गों, और मेहमानों के लिए अलग-अलग तय की गई है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम की सही दिशा

उत्तर-पश्चिम: उत्तर पश्चिम या उत्तर दिशा में बेड सेट करने से दांपत्य जीवन सुखी रहता है. पति पत्नी के बीच आपसी प्रेम और आकर्षण बढ़ता है.
दक्षिण-पश्चिम: घर के मुखिया का बेड इस दिशा में हो, तो उसके जीवन में अनेक लाभ होते हैं. इससे संबंधों में जुड़ाव और कार्यों में दक्षता हासिल करना आसान हो जाता है. पति-पत्नी आपस में मिलकर पूरे घर का ध्यान रखते हैं.
उत्तर-पूर्व: कमरे की उत्तर-पूर्व दिशा में बेड सेट करने से बचना चाहिए. इससे दांपत्य जीवन को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
दक्षिण-पूर्व: यह दिशा अग्नि कोण दिशा कहलाती है. इस दिशा में बेड डालने से पति पत्नी के बीच फालतू के लड़ाई-झगड़े और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना आदत बन जाती है. पति-पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव, बुराइयां, एक दूसरे में कमियां निकालने जैसी दिक्कतें बनी रहती हैं. अग्नि कोण में शयनकक्ष होने से फालतू के खर्चे और क्रोध बढ़ जाता है.
पूर्व-पश्चिम: पश्चिम दिशा दांपत्य जीवन के लिए बेहतर होती है. हर क्षेत्र में लाभ और धन की प्राप्ति संभव होती है.

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ध्यान रखने योग्य बातें

-बेडरूम में दर्पण नहीं होना चाहिए. यदि पहले से है तो उसे सोते समय किसी कपड़े से ढक देना चाहिए.
-कमरे में लाइट अधिक तेज नहीं लगानी चाहिए.
-नदी ,झरने, नुकीले बर्फ के पहाड़ जैसी तस्वीरें कभी ना लगाएं. इससे धन हानि होती है.
-बेड की ऊंचाई ना ज्यादा अधिक और ना ज्यादा कम. ऊंचाई एकदम व्यवस्थित होनी चाहिए.
-बेड या पलंग के नीचे कोई सामान नहीं रखना चाहिए.
-बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक सामान को रखने से बचना चाहिए. इसे रखने से नकारात्मक ऊर्जा और बीमारियां बढ़ती हैं.
-सोते समय पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना चाहिए. यदि संभव नहीं है तो दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में सिर करके सो सकते हैं.
-पढ़ने वाले बच्चों को हमेशा पूर्व दिशा में सिर रखकर सोना चाहिए.

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