Maa deeba ka mandir: देवभूमि स्थित इस मंदिर में मौजूद हैं दैवीय शक्तियां, होती है हर मनोकामना पूर्ण…

 
Maa deeba ka mandir: देवभूमि स्थित इस मंदिर में मौजूद हैं दैवीय शक्तियां, होती है हर मनोकामना पूर्ण…

Maa deeba ka mandir: उत्तराखंड को देवताओं की पवित्र भूमि के तौर पर जाना जाता है. जहां हर देवी देवता से जुड़े धार्मिक स्थल मौजूद हैं.

एक ऐसा ही मंदिर देवभूमि के पौड़ी गढ़वाल में स्थित है. जहां देवी माता के दर्शन करने के लिए भक्तों को नंगे पैर ही चढ़ाई करनी पड़ती है.

इतना ही नहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अद्भुत मंदिर में आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है. ऐसे में हमारे आज के इस लेख में हम आपको..

देवी माता के इसी प्राचीन और रहस्यमई मंदिर के बारे में बताने वाले हैं, जिसके बारे में जानने के बाद आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे.

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जानिए पौड़ी गढ़वाल में बने माता के इस पवित्र मंदिर के बारे में…

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में ब्लॉक पोखड़ा के झलपनी गांव से लगभग 8 किलोमीटर की चढ़ाई पर स्थित माता दीबा का ये मंदिर अत्यंत प्राचीन है. जिसे रशूलांणदी दिबा के नाम से भी जाना जाता है.

कहते हैं इस मंदिर में जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर जाता है और रात के वक्त नंगे पेड़ चढ़ाई करता है, देवी दीबा अवश्य ही उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.

कहते हैं जब पट्टी खाटली में गोरखाओं का आक्रमण बढ़ गया था, तब मां दीबा भगवती ने धरती पर अवतार लिया था और समस्त क्षेत्रवासियों की रक्षा की थी.

मां दीबा के इस मंदिर से जुड़े अनोखे रहस्य….

कहते हैं प्राचीन समय में इस मंदिर के पास एक ऐसा पत्थर था,जिसकी दिशा बदलते ही बारिश होने लगती थी.

मान्यता है कि जब कोई मंदिर के आसपास मौजूद पेड़ों पर किसी धारदार हथियार से प्रहार करता है. तो पेड़ों से खून निकलने लगता है, जिन्हें रसूली पेड़ों के नाम से जाना जाता है.

इस स्थान पर सूर्योदय के समय सूर्य करीब तीन बार रंग बदलता है, जिसे देखने के लिए लोग यहां दूर-दूर से आते हैं.

इस मंदिर के आसपास काफी घना जंगल है , जहां कई सारे जानवर रहते हैं. लेकिन आज तक किसी भी श्रद्धालु को जंगली जानवरों ने नुकसान नहीं पहुंचाया है. जिसे भी देवी भगवती का ही चमत्कार माना जाता है.

क्षेत्रवासियों की मान्यता है कि आज भी देवी भगवती एक बूढ़ी औरत के वेश में मंदिर में मौजूद हैं, जोकि अपने भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखती हैं.

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