भक्ति ऐसी होनी चाहिए कि भगवान स्वयं आकर दर्शन दें : वसंत विजय जी महाराज

 
भक्ति ऐसी होनी चाहिए कि भगवान स्वयं आकर दर्शन दें : वसंत विजय जी महाराज

नई दिल्ली, छतरपुर 12 अगस्त :

संतों के मुख से शिवमहापुराण कथा श्रवण जीवन को सर्वोत्तम बनाने के साथ आशीर्वाद देकर दुख तकलीफ संकटों से मुक्ति दिलाती है। संसार की जितनी भी दैविक शक्तियां है सभी संतों के द्वारा ही धरती पर काम करती आई हैं। भक्ति की महिमा बताते हुए गुरुदेव ने कहा कि भक्ति ऐसी होनी चाहिए कि भगवान स्वयं आकर दर्शन दें। देवता आपके प्रेम के भूखे हैं जब आप उनकी प्रेम से पूजा भक्ति आराधना करोगे तो वो दौड़े हुए चले आएंगे। अगर आपको भक्ति की शक्ति देखनी है तो शिवजी के 63 शिवभक्तों की कथा जिन्हें भगवान शिव ने साक्षात दर्शन दिया है। इन 63 भक्तों में एक भक्त कन्नपा है जिन्होंने अपनी दोनों आंखें निकालकार शिवलिंग पर लगा दी ।
श्री कृष्णगिरी पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तमिलनाडु के पीठाधिपति मंत्र शिरोमणि सिद्ध साधक परम पूज्य गुरुदेव राष्ट्रीय संत श्री वसंत विजय जी महाराज साहेब छतरपुर मार्कंडेय हाल में आयोजित शिवमहापुराण, यज्ञ, अखंड रुद्राभिषेक महाउत्सव 2023 में भक्तों को अपनी दिव्य ओजस्वी वाणी से कथा का रसपान करा रहे थे।

शिव दरबार में गुरुदेव की धारा प्रवाह ओजस्वी वाणी ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर झूमने और नाचने पर पर मजबूर कर दिया साथ ही तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंजायमान हो उठा गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए गुरुदेव ने कहा कि गुरु की शक्ति को तीनों लोकों में कोई नकार नहीं सकता । गुरु के बिना मनुष्य के जीवन में घोर अंधेरा होता है क्योंकि गुरु ज्ञान रूपी प्रकाश देकर हमारे जीवन को रोशन करता है।

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गुरुदेव ने कहा कि जैसे विभिन्न भोजन करने से उसका स्वाद अलग-अलग आता है उसी तरह विभिन्न पूजा और साधनाओं का लाभ भी भिन्न होता है । 55 दिन शिव दरबार में आकर श्रद्धा भाव से आकर भक्ति करने का जो लाभ आपको मिलेगा वह जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदलकर रख देगा। हम जो सोचे वहीहो तो इसके लिए स्वयं के आभामंडल को मजबूत करना पड़ेगा। यह तभी संभव है जब कथा का श्रवण करोगे और दैविक मंत्रों के साथ हो रहे यज्ञ का धुंआ लोगे ।

गुरुदेव ने कहा कि कथा में जितने भी भक्त पहुंचे हैं निश्चित ही उनका पुण्य भारी है। यदि दुख, उधारी, तकलीफ, संकटों से घिरे , बच्चे परिवार साथ नहीं दे रहे, परिस्थितियां विपरीत हों इस दरबार में श्रद्धा से बैठोगे तो आपकी हर समाधान का निवारण होकर रहेगा। संत ने कहा कि प्राणायाम अवश्य करना चाहिए क्योंकि प्राणायाम केवल आपको शरीर से ही मजबूत नहीं बल्कि आपकी सोच, आभामंडल और बुद्धि को तेज करता है।

गुरुदेव के आरोग्य दरबार में भक्तों का सालों का दर्द हुआ गायब

छतरपुर में आयोजित शिवमहापुराण महाउत्सव में ही संत श्री वसंत विजय जी महाराज साहेब ने आरोग्य दरबार लगा ऐसी मंत्र प्रार्थना की कि सालों से सिरदर्द, घुटनों, कमर दर्द से परेशान भक्तों को क्षण में निजात दिलाई। जैसे ही भक्तों को दर्द से छुटकारा मिला तो पूरा पंडाल भगवान शिव और गुरुदेव के जयकारों से गूंज उठा। इसी प्रकार गुरुदेव ने दुख निवारण के लिए मंत्र प्रार्थना की ।

रक्षाबंधन पर मिलेगा सिद्ध रक्षाकवच

छतरपुर में आयोजित शिवमहापुराण महाउत्सव में ही संत श्री वसंत विजय जी महाराज साहेब ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर 9 कवचों से सिद्ध 5 गोमती चक्रों से बना एक ऐसा रक्षासूत्र भक्तों को दिया जाएगा जो जीवनभर रक्षाकवच बनकर रक्षा करेगा। इसके लिए रक्षाबंधन के मौके पर सिर्फ एक घंटा शिवदरबार में आकर बैठना होगा।

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