MSD: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान की कहानी

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान माने जाते हैं. धोनी के 10 साल के कार्यकाल में टीम इंडिया ने आईसीसी की तीन बड़ी प्रतियोगिताओं में कामयाबी हासिल की.

साल 2007 में पहली बार कप्तानी मिलने के बाद लम्बे बालों वाले धोनी ने दक्षिण अफ्रीका में टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. उसके बाद भारत ने 28 साल बाद 2011 में सीमित ओवर का वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी में भी कामयाबी हासिल की.

2007 के हैरतअंगेज कारनामे को देखते हुए माही की टेस्ट टीम का भी कप्तानी सौंपी गई और वहाँ भी उन्होंने टीम इंडिया को बुलंदियों की शिखर पर पहुंचाया. साल 2009 में भारत ने पहली बार icc टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 का स्थान हासिल किया.

जब भी भारत के क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े कप्तान की सफलताओं का जिक्र होगा तो हर फैंस के मन में धोनी का नाम सबसे पहले आएगा.

हालांकि, क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत को ऊंचाईयों तक ले जाने वाले धोनी को कप्तान बनाए जाने का श्रेय कहीं न कहीं भारत के एक और पूर्व दिग्गज कप्तान राहुल द्रविड़ को भी जाता है.

दरअसल 2005 में डेब्यू करने वाले महेंद्र सिंह धोनी को सिर्फ 2 सालों के अन्दर भारत के कप्तान बनाए जाने की पैरवी सचिन के अलावा द्रविड़ ने भी बीसीसीआई से की थी.

आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम साल 2007 के वनडे विश्व कप में काफी निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पूरी तरह से बैकफुट पर दिखायी दे रही थी. टीम काफी ज्यादा निराश थी और साथ ही टीम में कोच ग्रेग चैपल का सीनियर खिलाड़ियों के साथ विवाद गहरा चुका था. ऐसे में भारत को इस संकट से उबरने और एक टीम के तौर पर ऊपर उठने की जरूरत थी.

उसी बीच दक्षिण अफ्रीका में वर्ल्ड टी-20 का पहला संस्करण खेला जाना था और राहुल द्रविड़ ही वह इंसान थे जिसने सचिन और सौरभ गांगुली से बात करके उस विश्व कप में नहीं खेलने का फैसला किया था. उन्होंने गंभीर, रोहित शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए ऐसा कदम उठाया था.

2007 के खराब प्रदर्शन के बाद सीनियर खिलाड़ियों की क्षमताओं पर सवाल खड़े होने के साथ ही 2007 के विश्व टी20 से ठीक पहले धोनी को कप्तानी दे दी गई. इसके लिए सचिन और द्रविड़ दोनों ने अपनी सहमति जताई थी

बता दें भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर के साथ हुए विवाद के बाद राहुल द्रविड़ के कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद बोर्ड के अध्यक्ष शरद पवार ने टी-20 वर्ल्ड कप में सचिन को टीम इंडिया की कप्तानी करने की बात कही, लेकिन उन्होंने इंकार करते हुए महेंद्र सिंह धोनी का नाम सुझाया. जिसपर राहुल द्रविड़ से उनकी राय पूछने पर उन्होंने भी धोनी का नाम लिया.

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