नीरज चोपड़ा ने जीता पेरिस डायमंड लीग 2025, पहले थ्रो में 88.16 मीटर के साथ मारी बाज़ी
भारतीय एथलेटिक्स के चमकते सितारे और दो बार ओलंपिक पदक जीत चुके नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने पेरिस डायमंड लीग 2025 में अपने पहले ही थ्रो में 88.16 मीटर की दूरी तय करते हुए शानदार जीत हासिल की। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने इस बार 90 मीटर की दूरी पार नहीं की, इसके बावजूद जर्मनी के दिग्गज एथलीट जूलियन वेबर को मात दी।
27 वर्षीय नीरज का दूसरा थ्रो 85.10 मीटर का रहा, जबकि बाकी तीन प्रयास फाउल हो गए। अंतिम प्रयास में उन्होंने 82.89 मीटर की दूरी तय की। वहीं वेबर ने अपने पहले ही थ्रो में 87.88 मीटर की दूरी तय की थी और अंत में दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर ब्राजील के लुईज़ मौरिसियो दा सिल्वा रहे, जिन्होंने 86.62 मीटर का थ्रो फेंका।
नीरज ने कहा, “मुझे अपने प्रदर्शन पर संतोष है। रन-अप थोड़ा तेज था, जिस वजह से नियंत्रण की दिक्कत हुई, लेकिन अंत में जीत मिलने से खुशी है।” बता दें कि नीरज ने इससे पहले डायमंड लीग का खिताब जून 2023 में लुसाने में जीता था। उसके बाद वह लगातार छह प्रतियोगिताओं में दूसरे स्थान पर रहे थे।
इस बार पेरिस में मिली जीत नीरज के लिए खास रही क्योंकि उन्होंने यहां पहली बार डायमंड लीग में पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले 2017 में इसी जगह उन्होंने 84.67 मीटर का थ्रो कर पांचवां स्थान पाया था।
नीरज अब 24 जून को चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में होने वाले 'गोल्डन स्पाइक एथलेटिक मीट' में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 5 जुलाई को बेंगलुरु में पहली बार होने वाली 'नीरज चोपड़ा क्लासिक' का आयोजन भी करेंगे, जिसे वर्ल्ड एथलेटिक्स ने A कैटेगरी का दर्जा दिया है।
उन्होंने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो फेंककर दूसरा स्थान पाया था, जबकि जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर की दूरी तय कर जीत हासिल की थी। नीरज का मानना है कि इस सीज़न में वे 90 मीटर की दूरी फिर से पार कर सकते हैं, लेकिन यह मौसम और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
पेरिस में उनके साथ कई बड़े नाम भी मैदान में थे—जैसे कीनिया के पूर्व विश्व चैंपियन जूलियस येगो, त्रिनिदाद के ओलंपिक विजेता केशोर्न वाल्कोट और ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स। हालांकि, वे सभी नीरज की बराबरी नहीं कर पाए। वाल्कोट चौथे, पीटर्स पांचवें और येगो छठे स्थान पर रहे।
नीरज की यह जीत साबित करती है कि भारतीय एथलेटिक्स अब वैश्विक मंच पर न केवल चुनौती दे रहा है, बल्कि लगातार शीर्ष स्थान हासिल कर रहा है।