17 साल की शैफाली को क्यों कहा जाता है महिला टीम की 'लेडी सहवाग'
भारतीय पुरूष क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग तो अब बल्ले से कमाल नही दिखाते है लेकिन महिला क्रिकेट टीम को 17 साल की शैफाली वर्मा के रूप में उनकी लेडी सहवाग मिल गयी है.
जो क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट टेस्ट,वनडे और टी-20 में अपने आक्रामक तेवर से गेंदबाज़ों की कोशिशों पर बल्ले के द्वारा मचाये गये तूफान से पानी फेर देती है.
इतिहास रचने का किया कमाल
हाल ही भारत और इंग्लैंड के बीच ब्रिस्टल में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट के दूसरे दिन 17 साल की इस युवा खिलाड़ी ने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
शैफाली चंद्रकांता कौल (75 रन, 1995) के रिकॉर्ड को तोड़कर डेब्यू मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं.
टी-20 की नम्बर 1 खिलाड़ी
बहुत कम समय में और सबसे कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज बनने के बाद शेफाली का नाम क्रिकेट की दुनिया में काफी जाना-माना हो गया है.
17 वर्षीय ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करते हुए जो कमाल दिखाया है, वो तारीफ के काबिल है, क्योंकि उन्होंने अपने विकेट का परवाह किए बिना इंग्लैंड की दमदार गेंदबाजी के खिलाफ आक्रमक शॉट खेलते हुए 96 रन की आतिशी पारी खेलकर चारों ओर अपने नाम की धूम मचा दी है.
सोशल मीडिया पर छायी लेडी सहवाग
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट मैच में शेफाली के 96 रन के निजी स्कोर पर पहुंचते ही भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर विरेंदर सहवाग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे.
लोग उन्हें लेडी सहवाग के नाम से बुलाने लगे। शेफाली की आक्रामकता उनकी यूएसपी है,इस समय शेफाली की जमकर तारीफ हो रही है.
4 रन से रह गया शतक
इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई आतिशी पारी में शेफ़ाली ने 152 गेंदों में 13 चौके और 2 छक्कों की मदद से 96 रन उड़ाये है.
हालाँकि वो मात्र 4 रन के अंतर से अपना टेस्ट शतक बनाने से चूक गयी लेकिन वे अपने हुनर से पूरी दुनिया का दिल जीतने में पूरी तरह सफल रही हैं.
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