Truecaller को टक्कर देने देसी ऐप BharatCaller हुआ लॉन्च, जानें क्या है ऐप की खासियत?

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आत्मनिर्भर भारत के मिशन में अबतक कई ऐप आ चुके है. कोरोना के पहले और बाद में भी कुछ नए ऐप लॉन्च किये गये है. भारत के सभी देसी ऐप्स विदेशी ऐप को मात दे रहे है. भारत में भीम ऐप, आरोग्य सेतु, ट्विटर देसी वर्जन Koo हो या PUBG का देसी ऐप बैटलग्राउंड इंडिया या फिर टिकटॉक का देसी वर्जन. अब इसी कड़ी में आत्मनिर्भर भारत में कॉलर आईडी ऐप Truecaller को टक्कर देने के लिए देसी ऐप BharatCaller ने दस्तक दी है.

क्या होता है कॉलर ID ऐप (WHAT IS A CALLER ID APP?)

Caller ID app (कॉलर आईडी ऐप) एक ऐसा app (ऐप) होता है जो आपके फ़ोन पर किसी भी अनजान कॉल करने वाले का नाम बताता है. यानि आपको आसानी से पता चल जाता है कि आपको कॉल करने वाले का नाम क्या है, वो कौन है? यहाँ तक कि आपको उसकी email id, facebook id भी नज़र आ सकती है. यदि वो नंबर आपके फ़ोन में सेव (save) नहीं है तो वो सूचना आपके काफी काम आ जाती है. यानि आपको बिना फ़ोन उठाये पता चल जाता है कि फ़ोन किसी बैंक, क्रेडिट कार्ड वालों का है या किसी और का.

प्राइवेसी का ध्यान रखेगा BharatCaller ऐप

जिन इंजीनियर्स ने इस ऐप को बनाया है उन्होंने दावा किया है कि यह कॉलर आईडी विदेशी और अन्य कॉलर आईडी ऐप्स की तरह आपको कॉल लॉग्स, कॉन्टैक्ट्स या मैसेजेज को अपलोड नहीं करता है. साथ ही कंपनी के किसी भी कर्मचारी के पास यूजर्स के फोन नंबर्स का डाटाबेस नहीं होता है और न ही ऐसे किसी डाटा का एक्सेस होता है.

इसमें आपके कॉल रिकॉर्ड्स, मैसेजस या कॉन्टैक्ट्स की डिटेल को किसी के साथ शेयर नहीं किया जाता है. सबसे बड़ी बात यह डाटा किसी के भी पास नहीं है. इस ऐप को बनाने वाली एंटरप्रेन्योर कंपनी किकहेड सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के पास भी नहीं है. बता दें कि इस कंपनी के इंजीनियर्स बेंगलुरु और नोएडा में काम करते हैं. इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. यह एक फ्री ऐप है. बता दें कि अभी तक यह ऐप 6000 बार डाउनलोड की गई है.

भारतकॉलर ऐप के मालिक कौन हैं?

भारतकॉलर ऐप को एक भारतीय कंपनी किकहेड सॉफ्टवेयर्स प्रा. लि. ने बनाया है. इस कंपनी के संस्थापक हैं IIM बैंगलोर से आये प्रज्ज्वल सिन्हा और सह-संस्थापक हैं कुणाल पसरीचा. इनका ऑफिस नॉएडा, उत्तर प्रदेश में स्थित है. भारतकॉलर (BhartCaller) ऐप के संस्थापक प्रज्ज्वल सिन्हा का कहना है कि जब कुछ समय पहले भारत में ट्रूकॉलर को बैन कर दिया गया, तब उनके दिमाग में ट्रूकॉलर का भारतीय विकल्प बनाने का विचार आया, उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर इस ऐप पर तुरंत काम शुरू कर दिया और 15 अगस्त, 2021 को इसे लॉन्च भी कर दिया.

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