Fatehpur Medical College में रैगिंग के आरोप, 2026 बैच के लिए जारी नियमों पर उठे सवाल वरिष्ठ छात्रों ने जूनियर छात्रों के लिए जारी की नियमावली, हिंदी में बातचीत से लेकर अभिवादन और पहनावे तक के निर्देश

 
Amar Shaheed Jodha Singh Attaiya Thakur Dariyao Singh Medical College

फतेहपुर, उत्तर प्रदेश: फतेहपुर स्थित Amar Shaheed Jodha Singh Attaiya Thakur Dariyao Singh Medical College में 2026 बैच के कनिष्ठ छात्रों के लिए कथित तौर पर जारी की गई एक नियमावली ने रैगिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमावली में कनिष्ठ छात्रों के लिए वरिष्ठ छात्रों के साथ बातचीत, अभिवादन, पहनावे, आवाजाही और सोशल मीडिया संदेशों से संबंधित कई अनिवार्य निर्देश दिए गए हैं।

जारी नियमों में कनिष्ठ छात्रों को वरिष्ठ छात्रों से केवल हिंदी में बातचीत करने और बातचीत की शुरुआत तथा अंत “नमस्ते” से करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ छात्रों के सामने सिर और नजरें नीचे रखने, उनके आने-जाने पर रास्ते से हटने तथा भोजनालय में वरिष्ठ छात्रों को पहले भोजन लेने देने जैसे निर्देश भी शामिल हैं।

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वरिष्ठ छात्रों को “बॉस” और “मैम” कहने का निर्देश
कथित नियमावली में कहा गया है कि कनिष्ठ छात्र वरिष्ठ छात्रों को “बॉस” अथवा “मैम” कहकर संबोधित करेंगे। उन्हें वरिष्ठ छात्रों को “भैया” या “दीदी” कहने की अनुमति नहीं होगी।
नियमों के अनुसार, वरिष्ठ छात्रों के प्रत्येक संदेश पर कनिष्ठ छात्रों को केवल folded hands यानी “🙏” के माध्यम से प्रतिक्रिया देनी होगी। इसके अलावा किसी अन्य संकेत-चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होने की बात कही गई है।

पहनावे और व्यक्तिगत रूप-रंग को लेकर भी निर्देश
नियमावली में कनिष्ठ छात्रों के पहनावे और व्यक्तिगत रूप-रंग को लेकर भी कई निर्देश दिए गए हैं। इसमें छात्रावास के बाहर केवल औपचारिक वेशभूषा में जाने, दाढ़ी-मूंछ साफ रखने और बालों को “दो नंबर” पर कटवाने जैसे निर्देश शामिल हैं।
कॉलेज के आधिकारिक यूनिफॉर्म के तौर पर सफेद शर्ट, सफेद पैंट, काले जूते, सफेद मोजे, काली बेल्ट और सफेद एप्रन का उल्लेख किया गया है।

समूह में चलने और बाहर जाने को लेकर नियम
नियमावली में छात्रावास से कॉलेज और भोजनालय तक आने-जाने के दौरान कनिष्ठ छात्रों को एक साथ और सीधी पंक्ति में चलने का निर्देश दिया गया है। छात्राओं के लिए भी इसी तरह एक साथ और सीधी पंक्ति में चलने की बात कही गई है।
कॉलेज परिसर से बाहर जाने वाले छात्रों को समूह में जाने और अपने क्षेत्र के वरिष्ठ छात्र को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक कार्य से बाहर जाने की स्थिति में चार से पांच छात्रों के समूह में जाने और शाम सात बजे से पहले कॉलेज लौटने का नियम भी बताया गया है।

“वरिष्ठ सदैव सही होता है” वाला निर्देश
सबसे अधिक सवाल उस निर्देश को लेकर उठ रहे हैं जिसमें कहा गया है — “वरिष्ठ सदैव सही होता है।” इसी नियम में कथित तौर पर छात्रों से कहा गया है कि कॉलेज में “अनजान बनकर आओ और अनजान बनकर जाओ।”
इसके अलावा रास्ते में वरिष्ठ छात्र दिखाई देने पर कनिष्ठ छात्रों को एक साथ और ऊंची आवाज में “नमस्ते” कहने का निर्देश दिया गया है। वरिष्ठ छात्रों के नाम और उनके स्थान याद करने के बाद ही परिचय भेजने की बात भी नियमावली में कही गई है।

नियमों ने रैगिंग की परिभाषा को लेकर चिंता बढ़ाई
मेडिकल कॉलेजों में जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच अनुशासन और संवाद के लिए संस्थागत नियम होना सामान्य है, लेकिन किसी छात्र को वरिष्ठ के सामने सिर और नजरें नीचे रखने, विशेष संबोधन का इस्तेमाल करने, समूह में चलने या वरिष्ठ के संदेश पर केवल एक निश्चित इमोजी से प्रतिक्रिया देने के लिए बाध्य करना गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि ये निर्देश वास्तव में वरिष्ठ छात्रों द्वारा 2026 बैच के लिए जारी किए गए हैं और कॉलेज प्रशासन की जानकारी में हैं, तो यह सवाल उठता है कि संस्थान ने ऐसी व्यवस्था को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल

Amar Shaheed Jodha Singh Attaiya Thakur Dariyao Singh Medical College, Fatehpur उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित है और Atal Bihari Vajpayee Medical University, Lucknow से संबद्ध है। कॉलेज का परिसर कानपुर–प्रयागराज हाईवे पर स्थित है और यहां अकादमिक ब्लॉक, अस्पताल, पुस्तकालय, छात्रावास, जिम्नेजियम और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
ऐसे में कथित नियमावली के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका और इस मामले में की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण हो जाती है। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि क्या इन नियमों को कॉलेज प्रशासन की अनुमति या जानकारी थी और यदि नहीं, तो इन्हें जारी करने वाले छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

नोट: उपलब्ध सामग्री में कॉलेज प्रशासन या डीन डॉ. आर.के. मौर्य की ओर से इस कथित नियमावली पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए उनके संबंध में किसी निष्कर्ष या “फेल” होने जैसे आरोप को आधिकारिक प्रतिक्रिया के बिना तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

यदि आपके पास “Dean RK Maurya Fail; Seniors Ne Jaari Kiya Summon” वाले हिस्से का वास्तविक नोटिस/समन या कॉलेज की प्रतिक्रिया भी है, तो उसे भेज दें—मैं इसे उसी आधार पर ज्यादा आक्रामक, investigative news report में बदल सकता हूँ।

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