Joy Banerjee, जिन्होंने सिनेमा और राजनीति दोनों में पहचान बनाई, का 62 वर्ष की उम्र में कोलकाता में निधन हुआ।
वरिष्ठ बंगाली अभिनेता और राजनीतिज्ञ जॉय बनर्जी का 62 वर्ष की उम्र में कोलकाता में निधन हो गया। वह लंबे समय से श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। 15 अगस्त को उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि बीच में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। 17 अगस्त को उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और अंततः 25 अगस्त की सुबह 11:35 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन बंगाली सिनेमा और क्षेत्रीय राजनीति दोनों के लिए एक बड़ा नुकसान है।
जॉय बनर्जी ने 1980 और 1990 के दशक में अपने अभिनय से बंगाली फिल्म जगत में खास पहचान बनाई। उन्होंने अपारुपा, हिरक जयंती, जीवन मरण और नागमती जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। फिल्म चॉपर में उनके अभिनय को विशेष सराहना मिली और उन्होंने अपने आप को बंगाली सिनेमा के बहुमुखी अभिनेताओं में स्थापित किया।
फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर बीरभूम और उल्लुबेड़िया से चुनाव लड़ा। भले ही वे जीत नहीं पाए, लेकिन लंबे समय तक पश्चिम बंगाल भाजपा की राज्य समिति से जुड़े रहे। 2021 में उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बना ली थी।
उनका जाना मनोरंजन और राजनीति दोनों क्षेत्रों में गहरी शून्यता छोड़ गया है। सिनेमा और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। जॉय बनर्जी अपने पीछे पत्नी और माँ को छोड़ गए हैं।