सद्गुरु ने लॉन्च की नई फोटो बुक ‘Disappearing Faces’, हिमालय के लोगों की दिखेगी अलग तस्वीर

 
Sadhguru Disappearing Faces

सद्गुरु अब एक नए रूप में नजर आ रहे हैं। लंबे समय से हिमालय की यात्रा कर रहे सद्गुरु ने इस बार कैमरे के जरिए वहां के लोगों और उनकी जिंदगी को करीब से दिखाया है। उनकी नई फोटो बुक Disappearing Faces में नेपाल और तिब्बत के दूर-दराज के हिमालयी इलाकों में मिले लोगों की तस्वीरें शामिल हैं।

पेंगुइन इंडिया की ओर से प्रकाशित यह किताब हिमालय में रहने वाले लोगों की जिंदगी की एक अलग तस्वीर सामने रखती है। इन तस्वीरों में ऐसे लोग नजर आते हैं जिनकी जिंदगी आज भी प्रकृति के काफी करीब है और जो आधुनिक दुनिया की तेज रफ्तार से काफी दूर हैं।

Sadhguru Disappearing Faces

Disappearing Faces को सोमवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में लॉन्च किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। लॉन्च के बाद सद्गुरु और लेखक व कमेंटेटर आनंद रंगनाथन के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दोनों ने किताब में शामिल तस्वीरों और उनसे जुड़ी यात्राओं और अनुभवों पर बात की।

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किताब के बारे में बात करते हुए सद्गुरु ने कहा कि इन तस्वीरों में दिखने वाले चेहरे एक ऐसे दौर की याद दिलाते हैं, जो धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन लोगों की जिंदगी मौसम, रोशनी, पानी, जमीन और प्रकृति के साथ उनके सीधे जुड़ाव से बनी है।

Sadhguru Disappearing Faces

सद्गुरु का हिमालय से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने 2006 में पहली बार मानसरोवर और कैलाश पर्वत की यात्रा की थी। इसके बाद वह कई बार हिमालय लौटे और यात्रियों के साथ कैलाश की यात्रा भी की।

2025 में उन्होंने कैलाश के लिए पहली बार मोटरसाइकिल से यात्रा की थी। इस साल भी वह मोटरसाइकिल से एक बार फिर हिमालय की यात्रा करने वाले हैं।

Disappearing Faces में सद्गुरु ने अपनी कई यात्राओं के दौरान खींची गई तस्वीरों के जरिए हिमालय के लोगों और वहां के जीवन को दर्ज किया है। यह किताब उनके लंबे हिमालयी सफर और वहां मिले लोगों के साथ उनके अनुभवों की भी झलक देती है।

हिमालय लंबे समय से सद्गुरु के जीवन का एक खास हिस्सा रहा है। मानव कल्याण और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के काम के साथ वह प्रकृति और पर्यावरण को बचाने से जुड़े प्रयासों से भी जुड़े रहे हैं।

नई फोटो बुक के जरिए सद्गुरु ने हिमालय को सिर्फ पहाड़ों और खूबसूरत नजारों के रूप में नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों और उनकी जिंदगी के जरिए देखने का एक नया तरीका पेश किया है।

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