अल्‍फा, डेल्‍टा वेरिएंट्स के खिलाफ़ कारगर हैं 'Covaxin': अमेरिकी एजेंसी NIH का दावा

 

भारत बायोटेक द्वारा निर्मित स्वेदशी कोरोना टीका कोवैक्सीन पर देश के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. दरअसल अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की बनाई गई कोवैक्सीन (Covaxin) कोरोना वायरस के अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स के खिलाफ कारगर है.

कोवैक्सीन पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी पैदा करता है

अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने पाया है कि भारत बायोटेक का COVAXIN वैक्सीन एंटीबॉडी उत्पन्न करता है जो COVID-19 के अल्फा और डेल्टा दोनों रूपों को प्रभावी ढंग से बेअसर करता है. NIH ने कहा कि कोवैक्सीन प्राप्त करने वाले लोगों के ब्लड सीरम पर दो स्टडीज की गई थीं. इनके नतीजों से पता चला है कि वैक्सीन एंटीबॉडी तैयार करती हैं, जो SARS-CoV-2 के अल्फा (B.1.1.7) और डेल्टा (B.1.617) वेरिएंट्स को प्रभावी ढंग से बेअसर कर देती है.

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इस दौरान संस्था ने कांसास के लॉरेंस स्थित बायोटेक कंपनी विरोवैक्स एलएलसी में पाए और जांच किए गए एड्जुवेंट Alhydroxiquim-II पर भी बात की. इसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीजेज (NIAID) के एड्जुवेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम ने मदद की थी.

78 प्रतिशत प्रभावी है कोवैक्सीन

बता दें कि इससे पहले अमेरिका के इंफेक्शन डिजीज एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फाउची भी कई बार कोवैक्सीन की तारीफ कर चुके हैं। इसी साल फाउची ने कहा था कि भारत में बनी कोवैक्सीन कोरोना के 617 वेरिएंट्स को खत्म करने में सक्षम है। गौरतलब है कोवैक्सीन को डेड कोरोना वायरस से बनाया गया है जो शरीर में इस वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी का निर्माण करता है। कोवैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल के डेटा के मुताबिक, यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है।

वही चरण 3 के परीक्षण के अप्रकाशित अंतरिम परिणाम बताते हैं कि वैक्सीन में रोगसूचक रोग के खिलाफ 78 प्रतिशत प्रभावकारिता, अस्पताल में भर्ती होने सहित गंभीर कोविड-19 के खिलाफ 100 प्रतिशत प्रभावकारिता, और SARS-CoV-2 के खिलाफ 70 प्रतिशत प्रभावी है.

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