भारत सरकार दुबई में स्थापित करेगी पहला 'IIT UAE' कैंपस

 
भारत सरकार दुबई में स्थापित करेगी पहला 'IIT UAE' कैंपस
एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत सर्कार ने दुबई में अपना प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थान IIT यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया है. IIT UAE जैसा कि इसे अभी कहा जा रहा है, भारत सरकार द्वारा 18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षरित भारत-यूएई व्यापार सौदे के हिस्से के रूप में स्थापित किया जाएगा. यह राष्ट्रीय महत्व का पहला संस्थान होगा जो भारत के बाहर दूसरे देश में स्थापित किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IIT UEA की स्थापना का निर्णय शुक्रवार को दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत लिया गया. व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते, सीईपीए (CEPA ) नामक समझौते पर एक द्विपक्षीय बैठक के बाद हस्ताक्षर किए गए थे जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 18 फरवरी को आयोजित किया था. https://twitter.com/vickykapur/status/1495352090725601284 बैठक का नेतृत्व भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया, जबकि यूईए का प्रतिनिधित्व यूईए के अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री और विदेश व्यापार राज्य मंत्री थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी ने किया. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के हिस्से के रूप में, भारत द्वारा यूईए में एक प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित किया जाएगा. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान - IIT भारत के प्रमुख प्रौद्योगिकी स्कूल हैं जो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में स्थापित और संचालित होते हैं. ये शिक्षण संस्थान प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं. सारे IIT प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के तहत शासित होते हैं, जिसने उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित किया है. वर्तमान में कुल 23 IIT हैं जिनमें स्नातक कार्यक्रमों के लिए कुल लगभग 16,000 सीटें हैं.

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