काठमांडू: लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने दिया इस्तीफ़ा
नेपाल में कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने आखिरकार प्रधानमंत्री केपी ओली को झुकने पर मजबूर कर दिया। युवाओं और प्रदर्शनकारियों की लगातार बढ़ती नाराज़गी के बीच ओली ने रविवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया।
इस्तीफ़े तक पहुंची स्थिति
हालांकि ओली सरकार के मंत्रियों का कहना था कि प्रधानमंत्री पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं है, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। काठमांडू और बीरगंज सहित कई हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए। राष्ट्रपति भवन और पीएम आवास पर प्रदर्शनकारियों ने आगजनी कर दी। सेना की मौजूदगी के बावजूद भीड़ को काबू करना मुश्किल हो रहा था।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारी शुरू से ही अंतरिम सरकार की स्थापना की मांग कर रहे थे। युवाओं का कहना था कि भ्रष्टाचार और मौजूदा व्यवस्था ने देश को कमजोर कर दिया है। कई छात्र-युवा नेताओं ने यह भी कहा कि नेपाल को अन्य देशों की तरह कानूनी स्वतंत्रता और पारदर्शिता चाहिए।
कैबिनेट में भी इस्तीफ़ों की झड़ी
ओली के इस्तीफ़े से पहले उनकी कैबिनेट के पांच मंत्री पहले ही पद छोड़ चुके थे। गृहमंत्री ने सोमवार को इस्तीफ़ा दिया था, जिसके बाद सरकार पर दबाव और बढ़ गया।
भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “हम मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। नेपाल हमारा पड़ोसी देश है और हम चाहते हैं कि वहां के मतभेद संवाद के माध्यम से सुलझाए जाएं।”