नेपाल संकट: सुशीला कार्की होंगी अंतरिम प्रधानमंत्री, संसद पर असमंजस बरकरार
काठमांडू। नेपाल में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच मंगलवार देर रात राष्ट्रपति आवास पर हुई बैठक में नई सरकार बनाने को लेकर सहमति बनी है। सूत्रों के अनुसार, देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की संभावना है। हालांकि संसद के विघटन का मुद्दा अभी भी पेच में फंसा हुआ है।
ईंधन संकट गहराया
सियासी अस्थिरता के बीच भारत-नेपाल सीमा पर सैकड़ों ट्रक फंसे हैं, जिससे नेपाल में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। कई पेट्रोल पंप सूख चुके हैं और जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, वहां लंबी लाइनें लगी हुई हैं। काठमांडू से लेकर सुदूर इलाकों तक लोग घंटों कतार में खड़े होकर तेल लेने को मजबूर हैं।
कर्फ्यू और पाबंदियां
देश के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाओं के चलते सेना ने कर्फ्यू और पाबंदियां लगा रखी हैं। हालांकि सुबह 6 से 11 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक ढील दी गई है। इसके अलावा, अब तक सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन पर सबकी निगाहें हैं।
कौन होगा अंतरिम प्रधानमंत्री?
‘We Nepali’ समूह और जेन-जेड आंदोलन के नेता सुदन गुरुंग ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का समर्थन किया है। उनका कहना है कि संसद का विघटन ही उनकी मूल मांग है और अंतरिम कैबिनेट जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे, इसके लिए आंदोलनकारी निगरानी करेंगे।
सुशीला कार्की के अलावा काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन शाह), पूर्व विद्युत प्राधिकरण प्रमुख कुलमान घिसिंग और धरान के मेयर हरका सम्पांग के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि राजनीतिक हलकों में कार्की का नाम लगभग तय माना जा रहा है।