भारतीय कंपनी Lovebird ने 1993 में लॉन्च की थी भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार

 

भारतीय लोग अभी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत को समझने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि करीब तीन दशक पहले लोगों के पास इलेक्ट्रिक कार खरीदने का कोई कारण नहीं था।

EV यानि इलेक्ट्रिक व्हीकल, यह शब्द आजकल आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. भारत के लोग इलेक्ट्रिक वाहन के बारे में जानने और समझने की तत्परता दिखा रहे हैं और इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग भी भारतीय बाजार में तेजी से बढ़ रही है। दिन-ब-दिन बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। इन दिनों कई घरेलू और विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में अपने इलेक्ट्रिक वाहन ला रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार कौन सी थी और इसे कब बनाया गया था? आज के लेख में हमने भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार के बारे में जानकारी दी है और इससे जुड़ा इतिहास बताने की कोशिश की है। पूरी जानकारी पढ़ने से पहले यह जरूर जान लें कि भारत में बनी इस पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम लवबर्ड था।

भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार लवबर्ड

भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम लवबर्ड था। नाम जितना रोमांटिक है इस कार के डिजाइन को भी उतना ही शानदार बनाया गया है। इस टू-सीटर कार में सीटों के पीछे हल्का स्पेस दिया गया था, जो सामान रखने के लिए लगेज का काम करता था। लवबर्ड एक हल्की कार थी जिसे उच्च तन्यता वाले स्टील चेसिस और फाइबरग्लास के साथ पॉलिएस्टर बॉडी पर बनाया गया था।

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एक बार चार्ज करने पर यह कार 60 किमी तक चल सकती है। वहीं, कार की बैटरी को फुल चार्ज होने में 6 से 8 घंटे का समय लगा। इस इलेक्ट्रिक वाहन में लेड एसिड बैटरी का इस्तेमाल किया गया था। आपको बता दें कि ये वो समय था जब किसी ने लिथियम-आयन बैटरी का नाम भी ठीक से नहीं सुना था। यह भी जान लें कि 1991 में सोनी और असाही केसी टीम द्वारा पहली व्यावसायिक ली-आयन बैटरी लाई गई थी।

सुविधाएँ बहुत उन्नत थीं

भारतीय कंपनी Lovebird ने 1993 में लॉन्च की थी भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार

लवबर्ड का व्यावसायिक उत्पादन वर्ष 1993 में शुरू हुआ और इस वाहन के बाजार में आने के बाद ही महिंद्रा ने अपनी रेवा इलेक्ट्रिक कार पेश की। भारत की इस पहली इलेक्ट्रिक कार की कुछ और खासियतों की बात करें तो इस गाड़ी की लंबाई 2120mm, चौड़ाई 1460mm और ऊंचाई 1340mm थी. वहीं, कार का व्हीलबेस 1595mm का था। इसमें डीसी इलेक्ट्रिक मोटर और इलेक्ट्रॉनिक चॉपर कंट्रोलर जैसे फीचर्स भी थे।

अगर कहा जाए कि यह इलेक्ट्रिक कार अपने समय से काफी पहले बाजार में आ गई थी तो गलत नहीं होगा। भारतीय लोग अभी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत को समझने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि करीब तीन दशक पहले लोगों के पास इलेक्ट्रिक कार खरीदने का कोई कारण नहीं था। लव बर्ड को नई दिल्ली में आयोजित ऑटो एक्सपो में भी प्रदर्शित किया गया था जहाँ इलेक्ट्रिक कार ने कई पुरस्कार जीते थे। लवबर्ड का कॉन्सेप्ट उस समय के लिए काफी एडवांस था और शायद यही वजह थी कि भारत की इस पहली इलेक्ट्रिक कार को वह शोहरत नहीं मिली, जिसके लिए यह बाजार में आई थी।

भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार किसने बनाई?

लवबर्ड का निर्माण भारतीय कंपनी एडी करंट कंट्रोल्स इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया था। यह भारतीय कंपनी तमिलनाडु और केरल से संचालित होती है और अभी भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सफलता के साथ काम कर रही है। इस कंपनी का गठन साल 1971 में हुआ था, जिसने जापानी कंपनी के साथ मिलकर कई बड़ी योजनाओं को अंजाम दिया है। यह कंपनी न केवल भारत में बल्कि अफ्रीका और यूरोप सहित खाड़ी देशों में भी कई उत्पादों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।

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