Higher Pension Scheme: हायर पेंशन में बढ़ जाएगा एम्पलॉयर का कंट्रीब्यूशन, लेबर मिनिस्ट्री ने जारी किया नोटिफिकेशन
Higher Pension Scheme: ईपीएफओ के 6 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के लिए सरकार ने दो दिन में हायर पेंशन को लेकर दो बड़े फैसले किए हैं। हायर पेंशन के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। साथ ही इसके बारे में एक कनफ्यूजन को दूर कर दिया गया है।लेबर मिनिस्ट्री का कहना है कि हायर पेंशन का विकल्प चुनने और इसके लिए योग्य पाए जाने वाले मेंबर्स के लिए एम्पलॉयर का कंट्रीब्यूशन 8.33 से बढ़कर भविष्य नि 9.49% हो जाएगा।
नोटिफिकेशन एक सितंबर, 2014 से लागू होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, यह नोटिफिकेशन एक सितंबर, 2014 से लागू होगा। इसका मतलब यह है कि पीएफ में एम्पलॉयर के 12% कंट्रीब्यूशन में से 1.16 % का अतिरिक्त कंट्रीब्यूशन कर्मचारी के पीएफ कॉर्पस से लिया जाएगा। जारी नोटिफिकेशन में मिनिस्ट्री ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर, 2022 के फैसले के मुताबिक है। कोर्ट ने 1.16 % कंट्रीब्यूशन के रिप्लेसमेंट मैकेनिज्म पर फैसले को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया था और अधिकारियों को इसके लिए पेंशन स्कीम में जरूरी बदलाव करने को कहा था। मिनिस्ट्री ने साथ ही कहा कि एम्पलॉइज प्रॉविडेंट फंड्स एंड - मिसलेनियस प्रोविजंस एक्ट, 1952 को अब कोड ऑफ सोशल सिक्योरिटी, 2020 में मिला दिया गया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में इस कोड के प्रोविजंस को लागू करने का फैसला किया है।
किसे होगा फायदा
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जिन मेंबर्स ने एम्पलॉइज पेंशन स्कीम, 1995 के पैराग्राफ 11 के प्रावधानों के तहत जॉइंट ऑप्शन के लिए आवेदन किया है और अगर उन्हें इसके लिए योग्य पाया जाता है तो एम्पलॉयर का कंट्रीब्यूशन मूल वेतन, डीए और रिटेनिंग अलाउंस का 9.49% होगा। पहले यह 8.33 % था। बढ़ा हुआ कंट्रीब्यूशन उन पर लागू होगा, जिनका मूल वेतन, डीए और रिटेनिंग अलाउंस 15,000 रुपए से अधिक होगा।
अब तक सिर्फ 12 लाख मेंबर्स ने किया आवेदन
हायर पेंशन को लेकर ईपीएफओ मेंबर्स के बीच कई तरह के. कन्फ्यूजन अब भी बने हुए हैं। अब तक केवल 12 लाख मेंबर्स ने ही इसके लिए आवेदन किया है। यह मेंबर्स की कुल संख्या का दो फीसदी से भी कम है। मौजूदा व्यवस्था में सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में योगदान के लिए सब्सिडी के रूप में 15,000 रुपए तक के मूल वेतन का 1.16 प्रतिशत भुगतान करती है।