ब्लैक फंगस से निपटने को केंद्र सरकार तैयार, पीएम बोले- किसी भी देश से भारत लाई जाए दवा

 

केंद्र सरकार ब्लैक फंगस (Black Fungus) से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अधिकारियों से साफ तौर पर कह दिया है कि ब्लैक फंगस या म्यूकॉरमायकोसिस की दवा की कमी नहीं होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह दवा किसी भी कोने में मिले वहां से भारत में लाई जाए. आपको बता दें कि ब्‍लैक फंगस के इलाज में लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी नाम के इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्‍लैक फंगस की दवा का इंतजाम करने की जिम्मेदारी खुद उठा ली है. इसको लेकर पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ब्‍लैक फंगस के इलाज में लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी इंजेकशन का पर्याप्त मात्रा का इंतजाम किया जाए. जिससे लोगों को दवा की किल्लत का सामना न करना पड़े. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पांच और कंपनियों को लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी बनाने का लाइसेंस दे दिया है.

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भारतीय दूतावासों की मदद ले रही सरकार

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ब्लैक फंगस की दवा को किसी भी देश से तुंरत भारत लाया जाए. आपको बता दें कि इस काम में अन्य देशों में बने भारतीय दूतावासों की मदद ली जा रही है.

आपको बता दें कि देशभर में ब्‍लैक फंगस संक्रमण के अब तक 11,717 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं कई राज्यों ने उस संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया है. क्योंकि कोरोना से ठीक हुए कई लोगों में ये बीमारी देखी जा रही है. हालांकि कई डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है. क्योंकि यह सिर्फ उन लोगों पर ही प्रहार करती है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है या फिर जिनका सुगर लेवल अधिक रहता है.

वहीं भारत को अमेरिका की गलियड साइंसेज नाम की कंपनी से रेम‍डेसिविर इंजेक्शन की मदद मिल रही है. इसके अलावा यह कंपनी ब्लैक फंगस से निपटने के लिए भारत को एंफोटेरेसिरिन बी भी दे रही है. अभी तक इसकी 1,21,000 खुराक भारत भेजी जा चुकी हैं. जल्दी ही 85,000 वायल और पहुंचने वाली है.

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