भारत में बनी कोविशील्ड और कोवैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ है प्रभावी: स्वास्थ्य मंत्रालय

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कोरोना वायरस (Coronavirus) नए नए रूप लेकर सामने आ रहा है जिसको लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि दोनों भारतीय टीके जो हम टीकाकरण कार्यक्रम में उपयोग कर रहे हैं कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के खिलाफ प्रभावी हैं.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ये वैरिएंट किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी टाइटर्स का उत्पादन करता है, इसके बारे में हम जल्द ही आपको बताएंगे. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है कि भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 22 में से 16 मामले रत्नागिरी और जलगांव (महाराष्ट्र) में और कुछ मामले केरल और मध्य प्रदेश में पाए गए हैं.

भारत सहित 80 देशों में मिला है डेल्टा वेरिएंट

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया है कि डेल्टा वेरिएंट भारत सहित 80 देशों में पाया गया है. इस वेरिएंट को ‘चिंता का रूप’ माना जाता है. वहीं डेल्टा प्लस नौ देशों में पाया गया है जिसमें यूएस, यूके, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस शामिल है. वहीं भारत में मिले 22 मामले वैरिएंट ‘ब्याज के प्रकार’ की श्रेणी में हैं.

इस दौरान राजेश भूषण ने कहा कि कई बार आलोचना के बावजूद, कोविन एप को ज्यादातर प्रशंसा मिली है. इसने खुद को एक बहुत ही मजबूत, सर्व-समावेशी, सरल आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया है. इसलिए, कई देश इस टेक्नोलॉजी का उपयोग करने में रुचि रखते हैं.

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