RAPIDX Train: 180 KM प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेगी देश की रीजनल पहली रैपिड रेल, जानें खूबी

RAPIDX Train: देश की पहली रीजनल रैपिड रेल का नाम बदलकर 'रैपिड एक्स' कर दिया गया है. सबसे पहले दिल्ली मेरठ के बीच रैपिड रेल चलायी जाएगी जिसका काम तेजी से चल रहा है. यही वजह है कि दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल सेवा को RAPIDX नाम दिया गया है. रैपिडेक्स के सभी स्टेशनों पर सौर ऊर्जा के ज्यादा इस्तेमाल की तैयारी हुई है. रैपिडेक्स में ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा होगा. यह औसतन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. NCRTC ने मंगलवार को रैपिड रेल का नया नाम रैपिड एक्स घोषित करते हुए ये लोगो जारी किया है.
ये सेवाएं रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTC) कॉरिडोर पर चलेंगी, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रमुख शहरी नोड्स को आपस में जोड़ने के लिए बनाई जा रही है. गति और प्रगति को दर्शाने के अलावा नाम में 'एक्स' नेक्स्ट जनरेशन को दर्शाता है, साथ ही प्रौद्योगिकी और नए युग को दर्शाता है. 180 किमी/घंटे की डिजाइन स्पीड, 160 किमी/घंटे की ऑपरेशनल स्पीड और 100 किमी/घंटे की ऐवरेज स्पीड के साथ ये आरआरटीएस ट्रेनें भारत में अब तक की सबसे तेज ट्रेनें होंगी.
RAPIDX Train का संचालन कब होगा शुरू
रैपिडेक्स के प्राथमिक खंड में अप्रैल से ट्रेन संचालन का टारगेट रखा गया था, लेकिन निकाय चुनाव की वजह से इसे मई तक के लिए टाल दिया गया है. अब कहा जा रहा है कि मई में दुहाई से साहिबाबाद खंड में रैपिडेक्स का संचालन शुरू होगा. दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) 82.15 Km (51.05 मील) लंबा और सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर है.
यह कॉरिडोर दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ेगा. फिलहाल इसका काम चल रहा है. बीते साल अगस्त महीने में रैपिड रेल का ट्रायल किया गया था. दुहाई से मेरठ वाले हिस्से में भी पिलर और वॉयडक्ट का काम किया जा रहा है. 82 किमी के पूरे हिस्से को चलाने के लिए 2025 की डेडलाइन को तय किया गया है. इस प्रॉजेक्ट के पूरे कॉरिडोर में एक साथ काम चल रहा है.
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