अब सिर्फ 3000 रुपए में आप भी कर सकते है केदारनाथ दर्शन

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नई दिल्लीः उत्तराखंड में चारधाम के कपाट खुल चुके है। इस यात्रा को लेकर सरकार ने पिछले शुक्रवार को ही मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालु सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए ही दर्शन कर सकतें है।

आज हम बात करेंगे बाबा बर्फानी के निवास स्थान केदारनाथ की जैसा की आप जानते है केदारनाथ, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिल्ले में आता है। रुद्रप्रयाग हिमालय की पहाड़ियों में चाइना के बॉर्डर पर यह उत्तराखंड का आख़री जिल्ला है।आप देहरादून, ऋषिकेश या हरिद्वार से केदारनाथ मंदिर की यात्रा शरु कर सकते हैं। हरिद्वार तक पहुंचने के लिए आप रेल या बस का सहारा ले सकते है। वही, केदारनाथ से सबसे नज़दीकी ऐरपोर्ट देहरादून में है। अगर आप भी केदारनाथ दर्शन की तैयारी में है तो हम आपको बता दे कि केदारनाथ मंदिर नवंबर से लेकर करीब 6 महीने तक बंध रहेता है तो आप अपनी यात्रा उस हिसाब से सुनियोजित करें। और आज हम आपको बताएंगे कि कैसे सिर्फ 3000 रुपए में आप केदारनाथ की यात्रा कर सकते हैं।

सिर्फ 3000 रुपए में केदारनाथ यात्रा

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हरिद्वार से केदारनाथ मंदिर जाने के लिए सोनप्रयाग तक आपको सरकारी या कोई भी प्राइवट बस मिल जाएगी। एक व्यक्ति का किराया लगभग ₹350 से 400 रुपए के आसपास होता है। अगर खुद की कार से केदारनाथ मंदिर की यात्रा करना चाहते है तो आपको सोनप्रयाग में ही अपनी गाड़ी पार्क करनी पड़ेगी और सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक 5 किलोमीटर की रहेगी, जिसका किराया 30 रुपए प्रति व्यक्ति होता है। हरिद्वार से सोनप्रयाग जाने के लिए सुबह 4- 5 बजे से ही बस चलना चालू हो जाती हैं हो सके तो अपनी बस की टिकट अगले दिन ही बुक करवा ले, और सुबह जल्दी चलने वाली बस पकड़े जिससे आप दोपहर तक सोनप्रयाग पहुंच सकें।

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सोनप्रयाग पहुंचने के बाद आपको अपना बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है और अगर आप उस दिन रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सकते है तो आपको दूसरे दिन सुभह 4 बजे से शाम के 5 बजे के बीच बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर की दूरी करीब 16 किलोमीटर की है। सुबह की यात्रा जितनी जल्दी शुरू होगी उतना ही आपके लिए आगे जाना आसान हो जायेगा क्योकिं आप केदारनाथ अगर देर से पहुचेंगे तो वहा पर आपको होटल उतने ही महंगे मिलेगे, इसलिए आप सोनप्रयाग 5 बजे से पहले पहुंचे, तो आप उसी समय बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन करवा ले। पहली रात आप सोनप्रयाग में ही रुक सकते हैं। सोनप्रयाग में आपको डॉरमेट्री या धर्मशाला आराम से मिल जाएगी, जिसका किराया लगभग 200 से 300 रुपए के बीच होगा। अगर आप 3 से 4 लोग हो तो सस्ता होटल भी ले सकते हैं, जिसका किराया करीब 800 से 1200 के बीच रहेगा।

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दूसरे दिन 4 से 5 बजे आप अपनी यात्रा शरू कर सकते है, आप टेक्सी लेके सोनप्रयाग से गौरीकुंड जा सकते है जिसकी दुरी करीब 4 किलोमीटर रहेगी, कुछ लोग यहाँ पे पैदल यात्रा करना भी पसंद काफी पसंद करते है। गौरीकुंड से केदारनाथ की यात्रा 16 KM है। जहा आप हेलिकॉप्टर या घोड़े का विकल्प भी चुन सकते हैं।मगर उसका खर्च ज्यादा हो जायेगा। बेहतर है की आप पैदल ही बाकी श्रद्धालुओं के साथ भोलेनाथ के जयकारो के साथ यात्रा शरू करें। फिर आप दोपहर या शाम तक आराम से केदारनाथ मंदिर पहुंच जाएंगे। आपको रस्ते में छोटे-मोटे ढाबे मिल जायेंगे, जहा रुक के आप चाय नास्ता, पानी, और थोड़ा आराम कर सकते हे। साथ ही आपको बता दे की मंदिर के अंदर से दर्शन शाम 5 बजे के बाद भक्तों को नहीं करने दिये जाते है। अगर आप 5 बजे के बाद पहुचतें हैं तो मंदिर के बाहर से ही आपको शिवलिंग के दर्शन करने पड़ेंगे लेकिन निराश होने की कोई बात नहीं है आप अगले दिन सुबह भोलेनाथ के दर्शन कर सकते हैं। यहा पर आप टेंट, डोरमेट्री, या धर्मशाला में रुक सकते हैं जिसका किराया लगभग 300 रुपये के आसपास बैठेगा।

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फिर केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद आप गौरीकुंड के लिए अपनी यात्रा शुरू कर सकते है, हो सके तो थोड़ा बहुत हल्का- फुल्का ब्रेकफास्ट कर ले। आप गौरीकुंड 3 से 4 बजे तक पहुंच जाते हैं तो आप सोनप्रयाग में रात रुक सकते हैं। अगर आप देर से पहुंचते हैं तो आप को गौरीकुंड में ही रुकना पड़ेगा जो आपको थोडा महंगा पड़ सकता है। तो इसीलिए समय पर सोनप्रयाग पहुंचने की पूरी कोशिश करें। फिर वहा से अगले दिन सुबह बस से हरिद्वार, ऋषिकेश या देहरादून की यात्रा शुरू कर दे।

साथ ही The Vocal News का आपसे निवेदन है कि अपनी यात्रा के दौरान कृपया सरकार द्वारा बनाए गए, covid नियमों का पालन करें।

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