Khajrana Mandir: बेहद रोचक है इस गणेश मंदिर का इतिहास, मन्नत पूरी होने के बाद करना पड़ता है ये काम

 
Khajrana Mandir: बेहद रोचक है इस गणेश मंदिर का इतिहास, मन्नत पूरी होने के बाद करना पड़ता है ये काम

Khajrana Mandir: हिंदू धर्म में प्रथम देवता के तौर पर गणेश जी पूजे जाते हैं. इसके साथ ही जब भी कोई नया काम होता है, तब सबसे पहले गणेश जी की उपासना की जाती है. यही कारण है कि हिंदू धर्म में भगवान गणेश को बेहद अहम माना जाता है. गणेश जी के कई सारे प्राचीन मंदिर भारत में मौजूद है, इन्हीं में से एक मंदिर मध्य प्रदेश के इंदौर में मौजूद है. जिस मंदिर की बेहद प्राचीन मान्यता है.

इंदौर के खजराना में स्थित भगवान गणेश का प्राचीन मंदिर (Khajrana Mandir) अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है, इस मंदिर का निर्माण महारानी अहिल्याबाई होलकर ने कराया था. आज हम इस मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक और रहस्यमयी चमत्कारों के बारे में जानना है, तो चलिए जानते हैं.

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खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Mandir) का रहस्य

1. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी व्यक्ति मन्नत पूरी करने के उद्देश्य से जाता है, तो काम पूर्ण हो जाने के बाद उसे भगवान गणेश की प्रतिमा पर उल्टा स्वास्तिक बनाना होता है. इसके बाद गणेश जी को मोदक का भोग लगाया जाता है. अन्यथा आपकी मन्नत पूरी होने के बाद भी अधूरी रह जाएगी.

2. खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Mandir) देश के सबसे अमीर मंदिर एक है, जहां रुपए पैसे के अलावा सोने-चांदी का दान भी आता है.

3. इस मंदिर की मान्यता है कि लोग यहां पर सबसे पहले किसी भी शुभ या मंगल कार्य का निमंत्रण देने भगवान गणेश के पास आते हैं. जैसे:- विवाह, मुंडन जन्मदिन, वाहन या जमीन की खरीदारी इत्यादि.

4. खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Mandir) में रोजाना हजारों की संख्या में लोग नि:शुल्क भोजन ग्रहण करते हैं, जिन लोगों की मनोकामना पूर्ति हो जाती है वह अपने वजन के बराबर यहां तुलादान भी करते हैं.

5. इस मंदिर में विनायक चतुर्थी का पर्व बेहद उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है. इसके अलावा इस मंदिर में बुधवार के दिन विशेष आरती का आयोजन किया जाता है.

6. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का ऐसा मानना है कि खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Mandir) के भगवान गणेश जी उनके सुपर सिलेक्टर हैं, उनके आशीर्वाद से ही भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों का चयन होता है.

7. इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1735 में होलकर वंश की महारानी ने कराया था, जिनको स्वप्न में साक्षात गणेश जी के दर्शन हुए थे.

8. खजराना गणेश मंदिर में कुल 33 देवी- देवताओं के मंदिर मौजूद हैं और यहां एक प्राचीन पीपल का मनोकामना पूर्ति वाला पेड़ भी मौजूद है.

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