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Wednesday, March 22, 2023
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HomeराशिफलLord Shiva mandir: महादेव के इन 10 मंदिरों का अनोखा है इतिहास, जिनको जाने बिना नहीं रह पाएंगे आप!

Lord Shiva mandir: महादेव के इन 10 मंदिरों का अनोखा है इतिहास, जिनको जाने बिना नहीं रह पाएंगे आप!

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Lord Shiva mandir: हिंदू धर्म में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा गया है. जिनकी सभी देवों में प्रमुख तौर पर पूजा की जाती है. भगवान शिव को वैसे तो भोलेनाथ, महादेव, शंकर भगवान, नीलकंठ महाराज इत्यादि नामों से जाना जाता है, भगवान शिव अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देने के लिए प्रसिद्ध है. भगवान शिव अकेले ऐसे देवता हैं, जिनको ना केवल देवता गण बल्कि असुर भी पूजते हैं. आज हम आपको भगवान शिव के ऐसे 10 चमत्कारी मंदिरों के बारे में बताने वाले हैं, जिनके बारे में जानकर आपको भी आश्चर्य होगा. तो चलिए जानते हैं…

Shiv ke avtar
Image credit:- thevocalnewshindi

भगवान शिव के 10 रहस्यमयी मंदिरों के बारे में

भगवान शिव का बनारस स्थित काल भैरव का मंदिर काफी प्राचीन और रहस्यों से परिपूर्ण है. मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव के अवतार भैरव बाबा को प्रसाद के तौर पर शराब का भोग लगाया जाता है, जिसे भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

गुजरात स्थित भगवान शिव का स्तंभेश्वर महादेव मंदिर अपने छिपने की कला की वजह से प्रसिद्ध है. कहा जाता है इस मंदिर के आसपास मौजूद समुद्र में जब भी ज्वार भाटा आता है तब यह मंदिर समुद्र में गायब हो जाता है. ऐसा दिन में 2 बार होता है. कहा जाता है इस मंदिर की स्थापना भगवान शिव के बेटे कार्तिकेय ने ताड़कासुर नामक राक्षस का वध करने के बाद उसी स्थान पर इस मंदिर की स्थापना की गई.

हिमाचल प्रदेश के मनाली में भगवान शिव का बिजली महादेव मंदिर मौजूद है. जाता है हर 12 साल बाद इस मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरती है, जिसके दौरान मंदिर में मौजूद शिवलिंग टूट जाता है, लेकिन उसे दोबारा जोड़ कर ठोस आकार दे दिया जाता है. यहां पर मक्खन से बने शिवलिंग को पूजा जाता है जिस कारण यहां मक्खन महादेव प्रसिद्ध है.

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Image credit:- unspalsh

उड़ीसा में स्थित भगवान शिव का यह मंदिर तितिलागढ़ शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर में खास बात यह है कि यह मंदिर चाहे कितनी भी गर्मी पड़े या कितनी भी ठंड यह हमेशा ठंडा ही रहता है, इतना ही नहीं इस मंदिर में थोड़ी देर बैठने पर व्यक्ति को अत्यधिक ठंड लगने लगती है, जिस कारण उससे कंबल तक होना पड़ जाता है.

तमिलनाडु में भगवान शिव के इस मंदिर को एरावतेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर को यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी स्थान दिया गया है. इस मंदिर को लेकर चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जब भी इस मंदिर की सीढ़ियों पर कदम रखा जाता है, तब सीढ़ियों में से मधुर ध्वनि निकलती है, जोकि अपने आप में बेहद आश्चर्य हैं.

महाराष्ट्र की एलोरा की गुफाओं में महादेव का कैलाश मंदिर स्थित है. इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर को केवल एक पत्थर को तराशकर बनाया गया है, हजारों साल पहले बने इस मंदिर में आज से भी आधुनिक और उन्नत निर्माण शैली का प्रयोग किया गया, जिसकी खूबसूरती देखते ही बनती है.

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Image credit:- unsplash

राजस्थान के अचलेश्वर महादेव मंदिर शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है, जिसके पीछे के कारण के बारे में आज तक कोई जान नहीं पाया है. इस मंदिर में महादेव के भक्त दूर-दूर से बदलते शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं. शिवलिंग का रंग सुबह के समय लाल, दोपहर के समय केसरिया और शाम के समय सांवले रंग का हो जाता है.

गुजरात के निष्कलंक महादेव मंदिर की मुख्य बात यह है इस मंदिर में स्वयं महादेव ने पांडवों को शिवलिंग के रूप में अवतार दिया था और पांडवों को कौरवों की हत्या के पाप से मुक्त कराया जाए. इस मंदिर की भी खास बात यह है कि ज्वार भाटा के समय इस मंदिर संपूर्ण अस्तित्व समुद्र के अंदर चला जाता है, ऊपर केवल मंदिर का ध्वज दिखाई देता है.

देश के प्रसिद्ध मंदिरों में केदारनाथ मंदिर भी महत्व हैं, यूजीसी भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख माना गया है. 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी के बाद आज भी केदारनाथ मंदिर की मान्यता और इसके अस्तित्व को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. केदारनाथ मंदिर का निर्माण भी महाभारत काल के समय पांडवों द्वारा किया गया था, मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है.

ये भी पढ़ें:- चार धाम के अलावा इन भव्य मंदिरों के भी जरूर करें दर्शन, तभी होगी पुण्य की प्राप्ति…

असीरगढ़ मंदिर मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में स्थित है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत काल के दौरान अश्वत्थामा महादेव की उपासना के लिए इस मंदिर में आते हैं और अपने पापों के लिए महादेव से क्षमा याचना करते हैं. कहा जाता है कि इस मंदिर में अश्वत्थामा आज भी आते हैं और महादेव की विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं, जिसकी बदौलत मंदिर में हर सुबह चंदन और नए फूल देखने को मिलते हैं.

Anshika Johari
Anshika Joharihttps://hindi.thevocalnews.com/
अंशिका जौहरी The Vocal News Hindi में बतौर Sub-Editor कार्यरत हैं. उनकी रुचि विशेषकर धर्म आधारित विषयों में है. अपने धार्मिक लेखन की शुरुआत उन्होंने Astrotalk और gurukul99 जैसी बेवसाइट्स के साथ की है. उन्होंने अपनी जर्नलिज्म की पढ़ाई इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली से की है.
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