comscore
Sunday, January 29, 2023
- विज्ञापन -
HomeराशिफलShardiya Navratri 2022: कब से और क्यों मनाया जा रहा है नवरात्रि का त्योहार? श्री राम से जुड़ी है सालों पुरानी ये परंपरा

Shardiya Navratri 2022: कब से और क्यों मनाया जा रहा है नवरात्रि का त्योहार? श्री राम से जुड़ी है सालों पुरानी ये परंपरा

Published Date:

Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि का त्योहार हिंदू धर्म के पवित्र त्योहारों में से एक है. जिसमें लोग देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं. इन नौ दिनों के नवरात्रों में देवी माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है.

इस वर्ष भी अपने भक्तों के सभी दुःख-दर्द दूर करने के लिए माता रानी 26 सितंबर से घर-घर पधार चुकी हैं. 26 सितंबर से नवरात्रि 4 अक्टूबर तक रहेंगी. इसके बाद भारत में विजयादशमी 5 अक्टूबर को मनाई जाएगी. दरअसल, नवरात्रों में माता रानी का ध्यान व उपासना करने से आपको माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

वहीं नवरात्रि में पूजा पाठ करने के कई विशेष नियम भी हैं. जिनमें से एक विशेष नियम व्रत रखने का भी है. नवरात्रि में 9 दिनों तक व्रत रखने का अपना एक विशेष महत्व है.

Shardiya Navratri 2022

लेकिन क्या आप जानते हैं नवरात्रि में व्रत रखने का शुभ आरंभ कैसे हुआ?

दरअसल हिंदू शास्त्रों में हर अनुष्ठान के पीछे किसी ना किसी कथा का सार छिपा हुआ है. नवरात्रि में उपवास रखने की प्रथा की शुरुआत दरअसल रामायण काल से ही हो गई थी. इस बात का प्रमाण देवी भागवत पुराण देती है.

जिसके अनुसार उस समय भगवान राम ने लंका पर आक्रमण करने से पूर्व सर्वप्रथम दुर्गा मां के 9 दिनों तक उपवास रखे थे. उनके उपवास से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान राम को दुर्गा मां ने विजय होने का आशीर्वाद दिया था.

Shardiya Navratri 2022

नारद श्री के सुझाव से शुरू हुआ नवरात्रि व्रत

देवी भागवत पुराण के अनुसार, जब भगवान श्री राम सीता हरण के दुख से बेहद कमजोर पड़ गए थे. तब महर्षि नारद जी ने उन्हें जीत प्राप्ति के लिए दुर्गा माता के नौ दिन तक व्रत रखने का अनुष्ठान बताया.

उनके सुझाव से सहमत होकर भगवान राम ने दुर्गा माता के नौ दिनों तक व्रत रखें जो नवरात्रि के पर्व के रूप में हिन्दू धर्म में विख्यात हुए.

Shardiya Navratri 2022

नारद मुनि के दिशा-निर्देशों पर तैयार हुए नवरात्रि व्रत नियम

नवरात्रि के व्रत नारद मुनि के सुझाव अनुसार राम जी द्वारा रखे गए. नौ दिनों तक पूजा अर्चना का पूरा अनुष्ठान राम जी द्वारा किया गया. जब भगवान राम ने समस्त विधि विधान से नौ दिन व रात दुर्गा माता की पूजा-अर्चना व व्रत परायण किया.

ये भी पढ़ें:- आखिर 9 दिनों तक क्यों मनाया जाता है नवरात्रि का त्योहार, ये है प्रमुख कारण…

तब अष्टमी की रात में भगवान राम और लक्ष्मण जी को दुर्गा माता ने अपने दर्शन दिए और उनकी विजय का वरदान दिया. दुर्गा माता के वरदान स्वरूप दशमी के दिन भगवान राम ने रावण का वध किया तथा माता सीता को लंका से मुक्ति दिलाई.

Anshika Johari
Anshika Joharihttps://hindi.thevocalnews.com/
अंशिका जौहरी The Vocal News Hindi में बतौर Sub-Editor कार्यरत हैं. उनकी रुचि विशेषकर धर्म आधारित विषयों में है, और इस विषय पर वह काफी समय से लिखती आ रही हैं. उन्होंने अपनी जर्नलिज्म की पढ़ाई इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली से की है.
- विज्ञापन -

ताजा खबरें

अन्य सम्बंधित खबरें

Vastu plants: धन से भर जाएगी आपकी भी तिजोरी, घर के आंगन में आज ही लगाएं ये खास पौधे

Vastu plants: वास्तुशास्त्र में कई सारे ऐसे पेड़-पौधों के...

Khatu shyam mandir: कैसे स्थापित हुआ खाटू श्याम का पवित्र मंदिर? जानें रोचक कहानी

Khatu shyam mandir: खाटू श्याम कलियुग के प्रमुख देवता...

Janhvi Kapoor के इस साड़ी लुक ने सोशल मीडिया पर मचाई तबाही, Photos देख छूट जाएगा पसीना

जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव...