Gavaskar To Binny : इन चार भारतीय दिग्गज क्रिकेटरों ने पाई सफलता, लेकिन पुत्र ने किया निराश

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Instagram/Rohan Gavaskar

भारत में क्रिकेट की पूजा की जाती है और इसी क्रिकेट के दम पर ना जाने कितने ही खिलाड़ियों की किस्मत में चार चाँद लग चुके है.

कई सारे क्रिकेटरों ने अपनी काबिलियत के दम पर क्रिकेट में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी हैं.

आपने भी क्रिकेट में कई खिलाड़ियों की सफलता की कहानियाँ सुनी होगी परंतु उनमें से कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्होंने क्रिकेट में तो सफलता के आसमान को छू लिया लेकिन उनके बेटे इस कामयाबी को चूमने में नाकाम रहे.

एक नज़र उन्हीं खिलाड़ियों पर जिनके बेटे क्रिकेट में उनकी तरह सफ़लता पाने में नाकाम रहे.

विजय मांजरेकर और संजय मांजरेकर

विजय मांजरेकर अपने समय के बेहतरीन क्रिकेटरों की सूची में शामिल थे .

उन्होने दिसंबर 1951 में कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया और एक शानदार करियर की शुरुआत करते हुए 48 रन बनाए.

मांजरेकर ने अपने करियर में 55 मैचों में 3208 रन बनाए.

वही दूसरी ओर उनके बेटे संजय मांजरेकर ने अपने पिता विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारत के लिए 37 टेस्ट और 74 वनडे मैच खेले लेकिन अपने पिता की तरह ख्याति प्राप्त नही कर पाये.

सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर

सुनील गावस्कर अपनी सदी के महान सलामी बल्लेबाजों में से एक थे, और सबसे सफल बल्लेबाज़ों की गिनती में भी उनका नाम सबसे ऊपर ही लिया जाता है.

उन्होंने 125 टेस्ट मैच में 10122 रन , 108 वनडे में 3092 रन बनाये है.

जबकि उनके बेटे रोहन गावस्कर भारतीय टीम में जगह बनाने में तो कामयाब रहे लेकिन अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे जिस कारण वे जल्द ही टीम से बाहर भी हो गए।

रोजर बिन्नी और स्टुअर्ट बिन्नी

रोजर बिन्नी ने भारतीय टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका को टेस्ट मैच व वनडे मैच में बखूबी तरीके से निभाया है

वह अकेले ही इंडिया को जीत का स्वाद चखाने में माहिर थे. उन्होंने 1983 में पाकिस्तान के खिलाफ महान प्रदर्शन किया था.

जहां एक और रोजर बिन्नी क्रिकेट में चारों ओर छाये हुए थे वही उनका बेटे स्टुअर्ट बिन्नी ने भारतीय टीम में जगह तो बना ली लेकिन अपने पिता की तरह कामयाबी पाने में नाकाम रहे.

कृष्णमाचारी श्रीकांत व अनिरुद्ध श्रीकांत

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत के बल्ले के सामने अच्छे-अच्छे गेंदबाजों के पसीने निकलते थे

उन्होंने 1983 वर्ल्ड कप में भी अपनी बल्लेबाज़ी से काफी कमाल किया था कृष्णमाचारी श्रीकांत ने तो क्रिकेट में खूब नाम कमाया लेकिन उनके बेटे अनिरुद्ध श्रीकांत का क्रिकेट करियर घरेलू क्रिकेट आईपीएल तक ही सीमित रहा.

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