एक एशिया कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला खिलाड़ी गेंदबाज नहीं बल्कि भारत का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज है

Indian batsman Sachin Tendulkar is carried on his teammates shoulders after India defeated Sri Lanka in the ICC Cricket World Cup 2011 final played at The Wankhede Stadium in Mumbai on April 2, 2011. India defeated Sri Lanka by six wickets to win the 2011 World Cup. AFP PHOTO/William WEST (Photo credit should read WILLIAM WEST/AFP/Getty Images)

सचिन तेंदुलकर के पास हमेशा से ही विपक्षी बल्लेबाजों की साझेदारी तोड़ने की कला थी. उनके गेंदबाजी में सिर्फ निरन्तरता की कमी थी. लेकिन 2004 के एशिया कप में सचिन ने इसका समाधान निकाल लिया और बेहद शानदार प्रदर्शन किया.

उस टूर्नामेंट में सचिन ने छह मैचों में 12 विकेट चटकाए थे. तेंदुलकर ने उन सभी पांच पारियों में कम से कम एक विकेट लिया,जहां उन्हें गेंदबाजी करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने एशिया कप के एक ही सीजन में एक भारतीय स्पिनर द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

एक एशिया कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में इरफान पठान (14 विकेट) के बाद अब भी सचिन दूसरे स्थान पर हैं.

IRFAN PATHAN
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सचिन द बॉलर का पहला विकेट:

हम सब जानते हैं कि सचिन ने सिर्फ 16 साल की उम्र में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी. हालांकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला विकेट लेने के लिए कुछ समय इंतजार करना पड़ा.

उनका ये इंतजार पांच दिसंबर 1990 को समाप्त हुआ, जब उन्होंने श्रीलंका के रोशन महानमा को विकेटकीपर किरण मोरे के हाथों कैच कराया. इस दौरान कुछ समय के लिए सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट लेने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय गेंदबाज बने.

जब तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट लिया था तब वे सिर्फ 17 साल और 224 दिन के थे.उन्होंने उस समय पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. इस मैच में उनका यह एकमात्र विकेट नहीं था, सचिन ने बाद में अर्जुन रणतुंगा को भी आउट किया.इसके बाद इस मैच में तेंदुलकर ने 41 गेंदों पर 53 रन भी बनाए और मैन ऑफ द मैच बने.

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