India को मिलने जा रही है अहम जिम्मेदारियां,बढ़ते रुतबे को देखकर चीन-पाक चिंतित

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इस साल India को दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों की कमान मिलने जा रही है.पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के मुताबिक बदलती दुनिया में भारत की भूमिका बीते कुछ सालों में तेज़ी से महत्वपूर्ण हो चुकी है. SCO, G-20 और UNSC की अध्यक्षता मिलना संकेत देता है कि भारत भविष्य में किस तरह की भूमिका निभाने जा रहा है.

बता दें कि पिछले कुछ सालों से मोदी सरकार की ओर से की जा रही कोशिशें अब रंग लाने लगी हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब खुद को दुनिया की प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करता नजर आ रहा है. दुनिया में बढ़ रहे भारत के वैश्विक प्रभाव का पता इसी से चलता है कि उसे दुनिया के सबसे अमीर 7 देशों के संगठन G-7 में शामिल करने की चर्चा भी जोरों पर चल रही है.

India को मिली SCO की कमान

शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO की अध्यक्षता भारत के पास आ गई है और अगले साल सितंबर में इसका सम्मेलन भारत में होगा. इस संगठन में भारत के अलावा, रूस, चीन, पाकिस्तान और मध्य एशिया के 5 देश शामिल हैं. इस सम्मेलन का अध्यक्ष होने के नाते भारत इसमें आतंकवाद और विदेशी फंडिंग जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करवाकर पाकिस्तान की नकेल कस सकेगा.

दिसंबर में करेगा UNSC और G-20 की अध्यक्षता

भारत इस साल दिसंबर में दुनिया के सबसे शक्तिशाली संगठन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता करने का मौका मिलेगा. करीब एक महीने तक परिषद की कमान भारत के पास रहेगी. इस दौरान वह दुनिया के तमाम वैश्विक मुद्दों पर निर्णायक स्टैंड लेने की स्थिति में होगा और उन फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

वहीं दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के प्रमुख संगठन G-20 की अध्यक्षता भी भारत को इस साल दिसंबर में मिल जाएगी. अगले साल इस प्रभावशाली संगठन का सम्मेलन भारत में होगा. इस संगठन में अमेरिका, रूस, चीन, भारत, इंडोनेशिया, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब समेत कई प्रभावशाली देश शामिल हैं.

G-7 का स्थाई सदस्य बनाने की भी चर्चा

भारत पिछले महीने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. पिछले दिनों जर्मनी में G-7 का सम्मेलन हुआ था, जिसमें होस्ट कंट्री ने भारत को गेस्ट कंट्री के रूप में आमंत्रित किया था. लेकिन अब भारत को इस संगठन को स्थाई सदस्य बनाने की चर्चा जोर पकड़ रही है. अगर ऐसा होता है तो संगठन का नाम बदलकर दोबारा से G-8 हो जाएगा. इस संगठन में पहले रूस भी शामिल था लेकिन बाद में उसे निकाल दिया गया था.

चीन-पाकिस्तान की India पर निगाहें

दुनिया में भारत के इस बढ़ते कद को चीन और पाकिस्तान भी ध्यान से देख रहे हैं लेकिन वे इसे रोकने में फिलहाल असहाय महसूस कर रहे हैं.भारत में तैनात रहे पाकिस्तान के पूर्व हाई कमिश्नर अब्दुल बासिल मानते हैं कि दुनिया में भारत की कूटनीतिक ताक़त लगातार बढ़ रही है. उन्होने कहा कि अब इतने वैश्विक संगठनों की अध्यक्षता मिलने पर भारत खुद को दुनिया की जियो-पॉलिटिक्स के सेंटर में लाने की कोशिश करेगा. चीन और पाकिस्तान पर भारत की इस हसरत का क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी.

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