साढ़े चार माह में जन्मे इस Premature Baby ने मनाया पहला जन्मदिन, गिनीज रिकॉर्ड में नाम दर्ज

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कहते है ‘जाको राखे साइयाँ, मार सके न कोई’ माने जिसका जीवन अभी लिखा हुआ हो उसका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता. ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है जिसे साबित किया है एक छोटे से बच्चे ने. बतादें इस बच्चे का जब जन्म हुआ तब इसके बचने की उम्मीद 0 से भी कम थी, यानी कि इसका बचना असंभव था लेकिन इसकी किस्मत में जीना लिखा था और ये अपने जीवन के बीच खड़ी हर बाधा को लांघ कर आज 1 साल 16 दिन का हो गया है.

यह एक प्रीमैच्योर बच्चा है जिसका जन्म समय से 131 दिन पहले यानी पांच महीनों पहले हो गया. वजन- महज 338 ग्राम, जो दुनिया में जन्मे किसी भी प्रीमैच्योर बच्चे से सबसे कम था. बचने की उम्मीद ना के बराबर थी लेकिन जिंदगी की सारी बाधाओं और लोगों की आशंकाओं को धताकर उस मासूम ने जिंदगी की जंग जीत ली है.

गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में दर्ज है रिचर्ड का नाम

रिचर्ड स्कॉट विलियम हचिंसन नाम के इस बच्‍चे का नाम गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में जीवित बचे दुनिया के सबसे प्रीमैच्‍योर बेबी के तौर पर दर्ज है. मेडिकल कॉम्‍प्‍लीकेशंस के चलते बच्‍चे की मां बेथ हचिंसन को समय से काफी पहले इस बच्‍चे को जन्‍म देना पड़ा था. रिचर्ड की मां बेथ का कहना है कि रिचर्ड हम पर भरोसा कर रहा था ‘जब रिचर्ड को 6 महीने बाद अस्पताल से 20 दिसंबर 2020 को पहली बार घर लाया गया और उसे पालने में रखा तब उसे देख कर आंसू आ गए थे.’

बतादें जन्म के समय इस बच्चे का वजन आधा किलोग्राम से भी कम था. बच्‍चा इतना छोटा था कि वह एक हाथ की हथेली पर बन जाता. ऐसे हालात देखकर डॉक्‍टरों को आशंका थी कि स्थिति और खराब हो सकती है. लेकिन बच्‍चे ने सारी बाधाओं को पार करते हुए अपना पहला जन्मदिन मनाया है. बेबी का ट्रीटमेंट करने वाली नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ स्टेसी केर्न ने गिनीज को बताया था कि बच्‍चे के जन्‍म के बाद विशेषज्ञों ने उसके पैरेंट्स से कहा था कि बच्‍चे के जीवित रहने की संभावना जीरो परसेंट है.

रिचर्ड के माता-पिता का कहना है कि हमें आश्चर्य और खुशी है कि रिचर्ड ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. आज रिचर्ड की कहानी पूरी दुनिया जान रही है. रिचर्ड की कहानी से उन सभी माता-पिता को भी मदद और उम्मीद मिलेगी जिनके बच्चे प्रीमैच्योर हुए हैं.’ गिनीज बुक के अनुसार रिचर्ड का शरीर इतना छोटा था कि वह अपने माता-पिता की एक हथेली में समा जाता था.

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