PM Aawas Yojana: इस योजना में आये सामने हेरा-फेरी के मामले,सरकार ने दिखाई सख्ती

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Source- Housing For All/Twitter

PM Aawas Yojana: केंद्र सरकार (Central Government) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए तरह-तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाती रहती है। अब इसी तरह की एक स्कीम प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Aawas Yojana) केंद्र की मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। लेकिन पिछले कुछ समय से इस योजना में हेरा फेरी के मामले सामने आये है।आपको बता दें कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास बनाने के लिए पहली व दूसरी किस्त की धनराशि जारी होने के बाद हजारों लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। वहीं अब तक करीब 600 ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। ऐसे में निजी लाभ के लिए लाभार्थियों को अपात्र घोषित कराने के खेल पर भी अंकुश लग सकेगा।

PM Aawas Yojana की शुरुआत कब और किसने की ?

इस योजना की शुरुआत PM Modi द्वारा की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को घर बना कर देती है. दरअसल पीएम मोदी का सपना है की भारत के हर नागरिक के सर पर खुद की छत हो। इस योजना का लाभ देश के लाखों लोगों को दिया गया है. आपको बता दे की इस स्कीम के तहत पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को केंद्र सरकार की ओर से 2.67 लाख की आर्थिक मदद दी जाती है।

हेरा फेरी के मामले भी आये सामने

शासन व सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी ने निजी लाभ नहीं मिलने पर लाभार्थी की शिकायत कर पहली व दूसरी किस्त की धनराशि जारी होने के बाद उसे अपात्र घोषित करा दिया। इतना ही नहीं उससे वसूली की कार्रवाई भी शुरू कराई गई। अभी तक 6,881 अपात्र घोषित लाभार्थियों से वसूली की कार्रवाई की गई है।

इतने लोगों को मिला आवास

पीएम आवास व आवास प्लस योजना (PM Aawas Yojana) में प्रदेश के 28,88,088 परिवार पंजीकृत है। केंद्र सरकार से अब तक 26,15,951 आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें से 26,06,238 परिवारों को पहली किस्त, 25,89,866 परिवारों को दूसरी किस्त और 25,77,235 परिवारों को तीसरी किस्त की धनराशि जारी की गई है। वहीं अब तक 25,77,235 आवासों का निर्माण पूरा कराया गया है।

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