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Thursday, March 23, 2023
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Chulkana dham: कलियुग में जिसने नहीं किए इस तीर्थ के दर्शन, उसका संपूर्ण जीवन हो जाएगा व्यर्थ

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Chulkana dham: बाबा खाटू श्याम के भक्तों के लिए चुलकाना धाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. बाबा खाटू श्याम का यह पवित्र धाम कलियुग के प्रमुख तीर्थों में से एक है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस भी व्यक्ति ने अपने जीवन में और कलियुग के इस दौर में बाबा खाटू श्याम के चुलकाना धाम के दर्शन नहीं किए, तो उसे अपने जीवन में कभी भी पाप पुण्य से छुटकारा नहीं मिल पाएगा.

ऐसे में चुलकाना धाम का विशेष धार्मिक महत्व मौजूद है. चुलकाना धाम हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा कस्बे से करीब 5 किलोमीटर दूर एक गांव चुलकाना को कहा जाता है, जहां खाटू श्याम मौजूद है. तो चलिए जानते हैं…

khatu shyam
Image credit:- unsplash

क्यों है चुलकाना धाम बेहद लोकप्रिय?

महाभारत के प्रमाणों के आधार पर, चिलकाना धाम ही वह स्थान है जहां पांडव भीम के प्रपौत्र बर्बरीक ने भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को अपने शीश का दान दिया था. जोकि महादेव के बहुत बड़े भक्त थे उन्हें महादेव के आशीर्वाद से ऐसे तीन बाण मिले थे, जिससे वह संपूर्ण सृष्टि का नाश कर सकते थे.

ऐसे में जब बर्बरीक ने अपनी माता के कहे अनुसार महाभारत के युद्ध में उस व्यक्ति का साथ देने की बात कही, जोकि हारने की कगार पर होगा. ऐसे में भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीलाओं के चलते बर्बरीक से उनके शीश का दान मांग लिया,

क्योंकि भगवान श्री कृष्ण जानते थे कि अगर बर्बरीक हारने वाले का साथ देंगे तो महाभारत का युद्ध कभी भी अंतिम अवस्था में नहीं पहुंच पाएगा, ऐसे में जब बर्बरीक ने भगवान श्री कृष्ण के मांगे जाने पर अपने शीश का दान दे दिया,

Khatu shyam mandir
Image credit:- thevocalnewshindi

तब वह स्थान चुलकाना धाम ही था, इसलिए इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है. दूसरा इस स्थान पर आज भी पीपल का पेड़ मौजूद है, जिसके पत्तों पर अपने बाण से बर्बरीक ने छेद कर दिया था, जिस कारण चुलकाना धाम को कलियुग के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल के तौर पर माना जाता है,

क्योंकि भगवान श्री कृष्ण ने बर्बरीक के इस दान से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था, कि कलियुग में सबसे ज्यादा बर्बरीक को बाबा खाटू श्याम और हारे के सहारे के तौर पर पूजा जाएगा, जिस कारण चुलकाना धाम का भी विशेष धार्मिक महत्व है, जिसे राजस्थान के सीकर में मौजूद खाटू श्याम से भी ज्यादा माना जाता है,

ये भी पढ़ें:- राजस्थान के अलावा इन शहरों में भी स्थापित हैं बाबा खाटू श्याम के मंदिर, जरूर करें दर्शन

ऐसे में हर व्यक्ति को खाटू श्याम के चुलकाना धाम के दर्शन के लिए अवश्य जाना चाहिए, जोकि बाबा खाटू श्याम के बलिदान की अमर गाथा को दर्शाता है, यहां जाकर हर व्यक्ति का जीवन अवश्य ही धन्य हो जाता है.

Anshika Johari
Anshika Joharihttps://hindi.thevocalnews.com/
अंशिका जौहरी The Vocal News Hindi में बतौर Sub-Editor कार्यरत हैं. उनकी रुचि विशेषकर धर्म आधारित विषयों में है. अपने धार्मिक लेखन की शुरुआत उन्होंने Astrotalk और gurukul99 जैसी बेवसाइट्स के साथ की है. उन्होंने अपनी जर्नलिज्म की पढ़ाई इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली से की है.
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